अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के ट्रामा सेंटर में रविवार शाम 6.18 बजे आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। बेसमेंट में बने ऑपरेशन थिएटर में लगी आग से देखते ही देखते ट्रामा सेंटर की इमारत में धुंआ फैल गया। पुलिस के अलावा दमकल की 24 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 8.40 बजे आग पर काबू पा लिया। इस बीच अस्पताल प्रशासन, सिक्योरिटी पुलिस व मरीजों के तिमारदारों ने मिलकर भूतल पर स्थित एमरेजेंसी में और पहली मंजिल पर फंसे करीब 50 मरीजों को ऑक्सीजन मॉस्क लगाकर अस्पताल की दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
पुलिस के मुताबिक दमकल विभाग को सूचना मिली कि एम्स के ट्रामा सेंटर के बेसमेंट में आग लग गई है। शुरुआत में दमकल की चार गाड़ियों को मौके पर भेजा गया, लेकिन आग की भयावता को देखते ही आसपास के अन्य फायर स्टेशनों से दमकल की और गाड़ियों को बुला लिया गया। आग लगते ही फैले धुंए से चोरों और अफरा-तफरी मच गई। मरीज और तीमारदार चिल्लाने लगे। दमकलकर्मी ऑक्सीजन मॉक्स और सिलेंडर लेकर अंदर दाखिल हुए। अस्पताल प्रशासन व दमकल कर्मियों ने स्ट्रेचर, बैड व कुछ मरीजों को पैदल ही बराबर वाली दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट करना शुरू कर दिया। इस प्रकार 50 से अधिक मरीजों को दूसरी बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया।
दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग ट्रामा सेंटर के बेसमेंट में ही लगी थी, लेकिन उसका धुंआ ग्राउंड फ्लोर व पहली मंजिल तक पहुंच रहा था। इसलिए एहतियात के तौर पर मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया। बेसमेंट में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए लगाया गया एक पाइप भी लीक मिला, जिसकी फौरन मरम्मत कर दी गई। उसकी वजह से भी आग को फैलने में मदद मिल रही थी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों का कहना था कि बेसमेंट की ओ-टी में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। आग किस जगह और कैसे लगी, इसकी छानबीन की जा रही है। चीफ फायर ऑफिसर अतुल गर्ग ने बताया कि हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। बेसमेंट में धुंआ भरा होने के कारण उसे निकलने में टाइम लग रहा है। वहीं, एम्स प्रशासन ने भी एक जांच कमेटी बना दी जो आग लगने के कारणों की जांच करेगा।