गौतमबुद्ध नगर जिला अदालत ने नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियर कालूराम वर्मा, उनकी पत्नी व बेटी पर धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस के कार्रवाई न करने पर सोनीपत निवासी पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्लॉट के नाम पर उससे 38 लाख रुपये की धोखाधड़ी व मारपीट की गई।
मूलरूप से सोनीपत के गांव जखौली निवासी प्रीतम सिंह चौहान फिलहाल नोएडा सेक्टर-49 में रह रहे हैं। उन्होंने शिकायत में आरोप लगाया है कि वह नोएडा में प्लॉट खरीदना चाहते थे। इसके लिए वह 10 मार्च 2017 को प्रॉपर्टी मेकर्स प्रालि के प्रोपराइटर गौरव कोहली से मिले। गौरव ने नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियर कालूराम वर्मा का लगभग 112 वर्ग मीटर का प्लॉट बिक्री के लिए बताया।
इसके बाद वह कालूराम के घर जाकर मिले। वहां पर कालूराम की पत्नी व बेटी भी मिलीं। कालूराम ने बताया कि प्लॉट सुनवीर के नाम है, लेकिन सुनवीर से उन्होंने प्लॉट खरीद लिया है। प्लॉट की पावर ऑफ अटार्नी सुनवीर से ससुर जगदीश प्रसाद के नाम कराई हुई है। 80 लाख रुपये में प्लॉट का सौदा हुआ और प्रीतम सिंह ने अग्रिम 15 लाख रुपये के दो चेक दे दिए।
इसके बाद भी उन्होंने कुल 38 लाख रुपये दे दिए। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों से 6 जनवरी को प्लॉट की रजिस्ट्री न करने पर नाराजगी जताई तो आरोपियों ने पीड़ित से मारपीट की और कमरे में बंद कर दिया। इसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब, कोर्ट ने सेक्टर-49 पुलिस को कालूराम वर्मा, उनकी पत्नी, बेटी, गौरव कोहली, जगदीश प्रसाद व सत्यवीर पर केस दर्ज करने का आदेश दिया है।