एक दिन पहले सौरभ भारद्वाज को लिया था हिरासत में
इससे पहले बीत सोमवार को दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और पार्टी के कई विधायकों व पार्षदों को हिरासत में ले लिया था। यह कार्रवाई विकासपुरी पुलिस स्टेशन के बाहर उस वक्त की गई जब आप नेता दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे थे।
यह पूरा विवाद हाल ही में सड़क निर्माण में कथित भ्रष्टाचार के खुलासे और उसके बाद हुए हंगामे से जुड़ा है। सौरभ भारद्वाज के अनुसार, आप विधायक जरनैल सिंह ने मीडिया के कैमरों के सामने सड़क का एक हिस्सा अपने हाथों से तोड़कर खराब गुणवत्ता और धन के गबन का पर्दाफाश किया था। भारद्वाज का आरोप है कि इस खुलासे से भड़के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कैमरामैन पर हमला किया, उसका फोन छीन लिया और थप्पड़ मारा। इसके अलावा, उन्होंने भ्रष्टाचार के सबूतों को नष्ट करने का भी प्रयास किया।
'दो दिन बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं'
प्रदर्शन के दौरान कड़े तेवर दिखाते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्रवेश वर्मा के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा डरी हुई है कि अगर जनता ने अपनी आंखों के सामने हर गली और मोहल्ले में भ्रष्टाचार देखना शुरू कर दिया, तो लोग खुद सड़कों की पोल खोल देंगे।
आप नेताओं ने चेतावनी दी है कि उनका यह आंदोलन यहीं रुकने वाला नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार किया गया, तो पार्टी कार्यकर्ता सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना देंगे। इस हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे के बाद दिल्ली की सियासत एक बार फिर गरमा गई है, और आप व भाजपा आमने-सामने आ गए हैं।