Reservation Hatao Andolan News: अजीत भारती पर एससी/एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। भारती ने दावा किया कि यह प्राथमिकी अदालत में दो मिनट भी नहीं टिकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने चंद्रशेखर को लेकर कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला था।
आरक्षण के खिलाफ आंदोलन चला रहे अजीत भारती पर अनुसूचित जाति/जनजाति अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। भारती ने इस कार्रवाई को आजाद समाज पार्टी के दबाव का परिणाम बताया है। उन्होंने दावा किया है कि यह प्राथमिकी अदालत में दो मिनट भी नहीं टिकेगी।
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भारती ने स्पष्ट किया कि उन्होंने चंद्रशेखर को लेकर कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला था। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी ब्राह्मणों की बेटियों पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के जवाब में थी। भारती ने सवाल किया कि जब मंच से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं। तब वह चुप कैसे रह सकते हैं।
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
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इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द…
— Ajeet Bharti (@ajeetbharti) August 24, 2026
उन्होंने जोर दिया कि उन्हें अपनी सीमाएं पता हैं और उन्होंने सोच-समझकर बात की। भारती ने बताया कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में रात बारह बजे यह प्राथमिकी दर्ज हुई है। उनके अनुसार, प्राथमिकी में कोई भी धारा अदालत में टिक नहीं पाएगी। भारती ने कहा कि 92 फीसदी ऐसे मामले केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं। उन्होंने सवर्ण समाज से पूछा कि क्या उन्हें ऐसी टिप्पणी सह लेनी चाहिए थी।
आरोपों पर अजीत भारती का पक्ष
भारती ने ब्राह्मणों की मां और बहनों को लेकर की गई टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया को उचित ठहराया। उन्होंने इसे बलात्कारी मानसिकता से संचालित गुंडों की शाब्दिक टिप्पणी बताया। भारती ने कहा कि किसी पार्टी के नाराज होने के डर से वह चुप नहीं रह सकते। उन्होंने अपनी बात को सही ठहराया।
भारती बोले- मैं कानून का सहयोग करूंगा
भारती ने कानून का सम्मान करने और दिल्ली पुलिस के साथ पूरा सहयोग करने की बात कही। उन्होंने दोहराया कि दर्ज की गई प्राथमिकी अदालत में दो मिनट भी नहीं टिकेगी। भारती ने चेतावनी दी कि यदि उनके वीडियो पर फिर ऐसी टिप्पणी आई। तो वह उसी तरीके से उत्तर देंगे। उन्होंने खुद को सैनिक स्कूल का छात्र बताया। उन्होंने कहा कि उनका मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को उन्हें हिरासत में मारना पड़ेगा।