इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान में रैली (फाइल फोटो)
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दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की रैली के बाद पुलिस ने 22 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन प्रदर्शनकारियों को रविवार को रामलीला मैदान से जंतर-मंतर की ओर मार्च निकालने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित अनुमति के दायरे से बाहर जाकर मार्च निकालने का प्रयास किया था।
दरअसल, इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रामलीला मैदान में रैली आयोजित की थी। इस दौरान चुनाव आयोग के कामकाज और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध जताया गया। पुलिस के अनुसार, रैली के आयोजन के लिए अनुमति ली गई थी, लेकिन वहां से जंतर-मंतर की ओर मार्च निकालने की अनुमति नहीं थी।
मिंटो रोड पर पुलिस ने रोका मार्च
पुलिस के मुताबिक, रैली में करीब 50 हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान था। शाम करीब 5 बजे दिशा स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन और रिवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया (आरडब्ल्यूपीआई) के सदस्यों ने जंतर-मंतर की ओर मार्च निकालने की कोशिश की। इस दौरान दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने मिंटो रोड पर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
22 प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज
पुलिस ने मौके से 22 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। बाद में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। हिरासत में लिए गए लोगों को दो बसों में बिठाकर द्वारका सेक्टर-23 और जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर अब प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल नहीं है। ऐसे में रामलीला मैदान में रैली की अनुमति मिलने का मतलब वहां से जंतर-मंतर तक मार्च निकालने की अनुमति मिलना नहीं था। इसी वजह से पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मिंटो रोड पर ही रोक दिया।