अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए है।
इस बाबत एनएचएम के निदेशक ने सिविल सर्जन को पत्र भेजकर ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। वहीं, दूसरे दिन के हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रही। सरकारी एंबुलेंस नहीं चली।
निदेशक ने अपने पत्र में कहा कि कई कर्मचारी सरकारी एंबुलेंस को जाने नहीं दे रहे हैं। इमरजेंसी सेवा प्रभावित कर रहे हैं। इसे देखते हुए तुरंत कार्रवाई की जाए। बुधवार को गुडग़ांव सिविल सर्जन की ओर से कोई भी मामला दर्ज नहीं कराया गया।
स्पष्ट कहा है कि धरने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चलाने के लिए बाधा उत्पन्न हो रही है। ऐसे में बृहस्पतिवार से उन्हें अस्पताल परिसर में धरने पर नहीं बैठने दिया जाए। धरना प्रदर्शन से हटाने के लिए सिविल सर्जन को पुलिस और प्रशासन की मदद लेने को कहा गया है।
वहीं, हड़ताल के दूसरे दिन सबसे अधिक असर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पड़ा। 19 पीएचसी से लोगों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। जिन्हें इलाज नहीं मिला, वो सिविल लाइन स्थित सामान्य अस्पताल पहुंचे, जिसकी वजह से यहां मरीजों का दबाव बढ़ गया। यहां भर्ती मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। बुधवार को भी कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल के गेट पर धरना प्रदर्शन दिया।
हरिराज, जिला प्रधान, एनएचएम वर्कर्स एसोसिएशन: एसोसिएशन अपनी मांगों को लेकर अडिग है। जब तक मांगों को नहीं मान लिया जाता तब तक हड़ताल जारी रहेगी। अगर किसी तरह की पुलिसिया कार्रवाई की जाएगी तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। रोजाना की तरह उसी स्थान पर बैठेंगे। हमारे बैठने से कोई अड़चन नहीं आ रही है।
डॉ. पुष्पा बिश्नोई, सिविल सर्जन: कर्मचारियों को समझा बुझाकर काम पर लौटने को कहा गया है। प्राइवेट एंबुलेंस का इंतजाम किया गया है। बाकी उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।