साइबर अपराध से पीड़ित लोगों को सुविधा देने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी कोतवाली प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि अब से घटनास्थल वाले थाने में भी मामले की रिपोर्ट दर्ज की जाए। ताकि पीड़ितों को तुरंत न्याय मिल सके। अब तक ऐसे मामलों में सेक्टर-24 और सूरजपुर कोतवाली में ही रिपोर्ट दर्ज होती थी। वहीं, पुलिस ने वर्ष 2018 में साइबर अपराध से जुड़े 365 मामलों में रिपोर्ट दर्ज की। जबकि वर्ष जुलाई तक 334 केस दर्ज किए जा चुके हैं। पिछले साल रोजाना एक केस दर्ज किया गया था। जबकि इस साल आंकड़ा दोगुना हो सकता है।
एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि पिछले दिनों साइबर अपराध की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सेक्टर-24 और सूरजपुर को नोडल थाना बनाया गया था। इन्हीं थानों में ही ऐेसे मामलों की रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। लेकिन पीड़ितों की सुविधा को देखते हुए अब इन दोनों थानों के अलावा घटनास्थल वाले थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है। अगर किसी पीड़ित के साथ सीमा क्षेत्र का मामला है तो वह सूरजपुर और सेक्टर-24 थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन दोनों थानों में ऐसे मामलों की कार्रवाई से काम बढ़ गया है। इससे अक्सर पीड़ितों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। एसएसपी ने कहा कि साइबर अपराध से जुड़ी रिपोर्ट दर्ज करने से ही काफी लोगों की समस्या कम हो जाती है। ऐसे पीड़ितों की प्राथमिकी दर्ज करना सबसे अहम है। इसे देखते हुए ये कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आगे और भी सुधार किए जाएंगे। ताकि जिले में साइबर अपराध नकेल कसी जा सके।
चार किलोग्राम गांजे के साथ 3 गिरफ्तार
सेक्टर-39 पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक ऑटो की जांच की तो उससे लगभग चार किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इंस्पेक्टर राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि ऑटो को सेक्टर-37 के पास रोका गया था। उसमें तीन लोग बैठे थे। उनके पास से गांजा बरामद हुआ। आरोपी तस्कर हैं और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में गांजे की सप्लाई करते हैं। आरोपियों की पहचान बागपत निवासी मासूक अली, चौड़ा निवासी आसिफ उर्फ टपोरी और बिसरख खजूर कालोनी निवासी सोनू उर्फ किरोड़ी के रूप में हुई है।