मौजूदा समय में हर किसी के पास एंड्रायड व स्मार्ट मोबाइल फोन हैं। यह परिवार के साथ हमें जोड़ कर रखने के साथ हमारी सुरक्षा में भी काफी मददगार है। मुसीबत में कभी अगर पुलिस मदद की जरूरत पड़े तो 100 डायल काफी प्रयास के बाद लगता है। इससे पुलिस मदद मिलने में काफी देर हो जाती है। प्ले स्टोर पर एफआईआर के नाम एक ऐसा एप है, जिसे इंस्टॉल कर सिर्फ ओपन व स्टार्ट विंडो को टच कर आप पुलिस से मदद ले सकते हैं। फरीदाबाद पुलिस इस एप का उपयोग 2016 से कर रही है। हालांकि आम लोगों में इस एप की जानकारी न के बराबर है। ऐसे में पुलिस अब इस एप के प्रचार-प्रसार के लिए जल्द ही जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करेगी।
महिलाओं के लिए विशेष रूप से है मददगार
एफआईआर एप कामकाजी महिलाओं व युवतियों के लिए काफी मददगार है। पुलिस ने नौकरीपेशा महिलाएं व युवतियों से अपील की है कि अपने मोबाइल फोन के प्ले स्टोर से इस एप को जरूर डाउनलोड कर लें। मुसीबत के समय में या किसी भी प्रकार की पुलिस मदद के लिए 100 डायल के अलावा इस एप की मदद लें।
ऐसे काम करती है एप
प्ले स्टोर पर मौजूद एफआईआर एप के ओपन विंडो को टच करते ही आपका मोबाइल नंबर, नाम व लोकेशन सीधे पुलिस कंट्रोल रूम पहुंच जाएगा। पुलिस कंट्रोल रूम में इसकी 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाती है। आपका लोकेशन कंट्रोल रूम के कंप्यूटर स्क्रीन पर पहुंचते ही पुलिस आपकी मदद के लिए खुद तलाश कर लोकेशन पर पहुंच जाएगी। इससे आप गुपचुप तरीके से भी पुलिस से मदद मांग सकते हैं।
जागरूकता की कमी
कंट्रोल रूम प्रभारी जवाहर लाल व नरेश पंडित ने बताया कि 2016 में इस एप को शुरू किया गया था। आज भी इस एप को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी है। इसके कारण इस एप से मदद लेने वालों की संख्या भी काफी कम है। एक तरफ कंट्रोल रूम में पुलिस सहायता नंबर 100 पर रोज करीब 20-25 हजार फोन कॉल पुलिस से मदद मांगने के लिए आ रहे हैं। वहीं इस एप पर तीन साल में करीब डेढ़ हजार लोगों ने ही पुलिस से मदद मांगी है।
फरीदाबाद पुलिस लोगों के मदद के लिए सदैव तत्पर रहती है। लोगों के पास पुलिस से मदद मांगने के लिए व्हाट्सएप, 100 नंबर, दुर्गा शक्ति व एफआईआर एप मौजूद है। किसी भी माध्यम से मदद मांग सकते हैं। इन सभी में एफआईआर एप काफी सरल प्रक्रिया है। लोग अधिक से अधिक इस एप का इस्तेमाल करें। - सूबे सिंह, पुलिस प्रवक्ता फरीदाबाद।