आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में सुर्खियों में आए इंजीनियर यादव सिंह ने घरवालों ने बुधवार को उनके पैतृक आवास पर कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों पर हमला किया। एक न्यूज चैनल का कैमरा लूट लिया और जान बचाकर भागते मीडिया कर्मियों पर पथराव भी किया।
यादव सिंह के यहीं का मूल निवासी होने की चर्चा आम होने के बाद नंदपुरा (देवरी रोड) इलाका चर्चाओं में है। अपनी बस्ती में ‘मददगार व्यक्ति’ की छवि रखने वाले यादव सिंह के घरवालों और समर्थकों का मानना है कि राजनीतिक कारणों से उन्हें फंसाया गया है।
इसलिए यादव सिंह के बारे में मीडिया पूछताछ को भी वह संदेह की नजर से देख रहे हैं। बुधवार सुबह मीडिया कर्मी देवरी रोड स्थित नंदपुरा पहुंच गए। उन्होंने पूछताछ की तो इलाके के लोगों ने यादव सिंह की कोठी बता दी।
आलीशान कोठी में एक नौकर था। मीडियाकर्मी नौकर से से पूछताछ कर रहे तभी एक अधेड़ व्यक्ति के साथ कुछ युवक पहुंच गए और बिना उनका मकसद जाने उन्हें भगाने लगे। कुछ युवक सरिया निकाल लाए और चैनल के पत्रकार का बैग छीन लिया। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी। पत्रकार जान बचाने को भागे तो पीछे से उन पर पथराव किया। किसी तरह वे गली के बाहर आए और पुलिस को खबर दी।
यादव सिंह को हो सकता है जान का खतरा
सीओ सदर असीम चौधरी समेत थाना सदर की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पत्रकारों को थाने ले आई और एक टीम को यादव सिंह के घर भेजा। कुछ देर बाद पुलिस टीम बैग और हेलमेट लेकर तो लौट आई है लेकिन कैमरा नहीं मिला।
बड़ा भाई कपूर चंद बताया गया। सीओ सदर ने बताया कि न्यूज चैनल के पत्रकार धर्मेंद्र कुमार सिंह ने यादव सिंह के भाई कपूरचंद्र और सात-आठ अन्य लोगों के विरुद्ध डकैती, जानलेवा हमला, पथराव और धमकाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उधर, यादव सिंह के घर पर पड़े छापे के बाद हर रोज हो रहे खुलासे से उनकी जान का खतरा हो गया है। दरअसल, डायरी में ढेर सारे नामों का खुलासा होना शुरू हो गया है। जिनके नाम उसमें शामिल हैं, उनको पता है कि अब बचना मुश्किल है।
पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी है कि यादव सिंह की जान को खतरा हो सकता है। कोई घपलेबाज यह साजिश भी रच सकता है। फिलहाल यादव सिंह और उनकी पत्नी कुसुमलता से आयकर अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस की भी निगरानी रहती है। हालांकि, यादव सिंह की तरफ से सुरक्षा नहीं मांगी गई है।