गुरुग्राम की मानेसर तहसील में सामने आए 5 करोड़ रुपये के स्टांप घोटाले में सोमवार देर शाम तक मानेसर थाना पुलिस को कोर्ट के आदेश प्राप्त नहीं हुए थे, जिसके चलते मामला दर्ज नहीं हो सका।
मंगलवार को यह आदेश प्राप्त होने की संभावना है, जिसके बाद इस पर मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस उपायुक्त मानेसर राजेश ने बताया कि अदालत के आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मानेसर निवासी रमेश यादव ने 20 जुलाई 2017 में अदालत में याचिका दायर की थी कि बिल्डर को बेची गई जमीन पर 2 फीसदी स्टांप ड्यूटी कम ली गई। इस पर उन्होंने आरटीआई दायर कर संबंधित विभाग से जवाब मांगा।
अपने स्तर पर जांच के दौरान उन्हें पता लगा कि 2009 से वर्ष 2013 के बीच मानेसर तहसील में तैनात तहसीलदार ने 53 लोगों की जमीन को नगर निगम क्षेत्र से बाहर दिखाया है जिस कारण उनसे 2 फीसदी स्टांप ड्यूटी कम वसूली है।