एक परिवार को अपने बेटे की हत्या का मामला दर्ज कराने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से गुहार लगानी पड़ी। करीब 11 महीने बाद थाना सारन पुलिस ने केस दर्ज किया। युवक की मौत जहर खाने के कारण हुई थी।
संजय एंक्लेव के पार्ट-1 निवासी दीनानाथ गौड़ ने बताया कि पांच मई, 2013 को उनका छोटा बेटा 20 वर्षीय कुंदन अपने दोस्त लवली के साथ रात करीब आठ बजे बाइक पर घूमने गया था। परिजन फोन मिलाते रहे, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया।
रात करीब 9:30 बजे कुंदन का फोन आया कि वह अग्रवाल स्कूल के पीछे छठ घाट पर है, उसकी हालत बहुत खराब है। परिजन मौके पर पहुंचे और उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि उसने कोई नशीला पदार्थ खाया है।
कुंदन ने बताया था कि उसने कोई नशा नहीं किया, बल्कि उसे प्रसाद दिया गया था। इलाज के दौरान छह मई, 2013 की सुबह कुंदन ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने अपनी शिकायत में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया। उनका आरोप है कि उनके बेटे को प्रसाद खिलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
दीनानाथ गौड़ ने इस साल तीन अप्रैल को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से गुहार लगाई थी, जिसके बाद आयोग ने पुलिस महानिदेशक को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। इस पर महानिदेशक ने आदेश दिए। पुलिस ने हत्या और जहर देने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।