दक्षिणी दिल्ली ने प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करते हुए दिल्ली जल बोर्ड और बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (नेहरू प्लेस) पर संयुक्त रूप से पांच लाख रुपये का जुर्माना किया है। एलएंडटी कंस्ट्रक्शन (प्रगति मैदान), गोदरेज कंस्ट्रक्शन, ओखला पर भी पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना किया गया है।
कचरा जलाने, निर्माण स्थलों से धूल प्रदूषण, निर्माण और विध्वंस कचरे, सड़क पर धूल और उद्योगों से होने वाले वायु प्रदूषण के खिलाफ 108 चालान किए गए, जिनपर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। शेष 10 मामलों में जुर्माने की राशि अदालत और मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट तय करेंगे।
मध्य क्षेत्र में न्यू फ्रेंडस कॉलोनी और लाजपत नगर -तीन में भी चार निर्माण स्थलों पर कार्रवाई करते हुए इस जोन में 89 अन्य चालान भी किए। इस क्षेत्र में 95 फीसदी चालान किए गए जबकि 39 मामलों में अभी जुर्माना लगाया जाना है।पश्चिमी क्षेत्र में पांच चालान किए गए हैं, जिनकी जुर्माना राशि अदालत तय करेगी। नजफगढ़ क्षेत्र 16 चालान किए गए। दक्षिण जोन में 10 चालान किए गए।
लापरवाह अधिकारी पर होगी कार्रवाई : आयुक्त
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त ज्ञानेश भारती ने राजधानी में बढ़ते प्रदूषण पर सख्त रवैया अपनाते हुए इसे नियंत्रिण करने के लिए नई नीति अपनाने का निर्णय लिया है। प्रदूषण फैलाने वालों पर शिकंजा कसने के लिए गठित टीमें 24 घंटे गश्त करेंगी। टीमें बारी बारी से आम नागरिकों सहित सरकारी एजेंसियों के खिलाफ भी कार्रवाई करेंगी।
सभी उपायुक्तों को रोजाना होने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त ने कार्रवाई का सिलसिला जारी रखते हुए यह भी स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई होगी।