यमुना प्राधिकरण ने सुपरटेक के अपकंट्री प्रोजेक्ट पर 12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। भवन नियमावली में तय मानक से अधिक एरिया पर निर्माण करने के मामले में प्राधिकरण ने यह जुर्माना लगाया है।
सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि सुपरटेक के सेक्टर-17 स्थित अपकंट्री रिहायशी प्रोजेक्ट के लिए जून 2010 में प्लॉट आवंटित किया था। उसे भवन नियमावली 2009 के हिसाब से ग्राउंड कवरेज एरिया के 25 फीसदी पर निर्माण की अनुमति दी गई थी।
2010 में शासन ने नई भवन नियमावली को मंजूरी दे दी। बिल्डर ने 2011 में शासन का एक पत्र यमुना प्राधिकरण में प्रस्तुत किया, जिसके तहत संशोधित भवन नियमावली 2010 के हिसाब से कुल ग्राउंड कवरेज का 40 फीसदी निर्माण करने की अनुमति ले ली और नक्शा स्वीकृत करा लिया। उसी के हिसाब से निर्माण कर लिया।
बिल्डर ने पहले फेज के कंप्लीशन के लिए अप्रैल 2015 में आवेदन किया था। प्राधिकरण ने अतिरिक्त निर्माण के चलते आपत्ति लगाते हुए आवेदन को निरस्त कर दिया। प्राधिकरण ने 2010 भवन नियमावली का लाभ दिए जाने को लेकर शासन से जारी आदेश की जांच कराई।
शासन को पत्रांक संख्या भी उपलब्ध कराई गई, लेकिन शासन ने ऐसा कोई भी पत्र जारी होने की पुष्टि नहीं की। इसके बाद सीईओ ने बिल्डर पर 12 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। बताया जा रहा है कि फ्लैट खरीदारों के हितों को देखते हुए प्राधिकरण इसे स्वीकृति देने पर विचार कर रहा है।