अदालत ने फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार दिल्ली सरकार के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की जमानत याचिका खारिज कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गौरतलब है कि तोमर को इससे पहले एक दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था। तोमर को 12 दिन की पुलिस रिमांड के बाद आज पुन: अदालत में पेश किया गया।
जहां तोमर की जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया और उन्हें वापस 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि तोमर की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को बताया था कि तोमर के पास बीएससी व एलएलबी की डिग्री असली है और उनके मुवक्किल को फर्जी मामले में फंसाया गया है।
तोमर जमानत याचिका खारिज
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद तोमर को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
तोमर ने हाल ही में जमानत आवेदन दायर किया था जिसके आधार पर अदालत ने पुलिस को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए जमानत पर सुनवाई सोमवार को तय की थी।
तोमर को इससे पहले पुलिस ने 9 जून को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उनकी डिग्रीयों की जांच की प्रक्रिया चली थी। उसके बाद से ही वह रिमांड पर चल रहा थे।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर 12 दिन की पुलिस रिमांड के बाद रविवार शाम तिहाड़ में जेल संख्या आठ में रखा गया था। उन्हें अलग सेल में रखा गया और उनकी सुरक्षा में अलग से कुछ कर्मियों को तैनात किया गया था।
तिहाड़ जेल के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) मुकेश प्रसाद के मुताबिक पूर्व मंत्री को जेल संख्या आठ में अलग सेल में रखा गया था। जेल के अंदर दूसरे कैदी उन्हें परेशान न करें इसका विशेष ख्याल रखा जा रहा था।
जेल आने के बाद तोमर का जेल अस्पताल में मेडिकल और उसके बाद काउंसलिंग भी की गई। जेल में उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत न हो इसलिए जेल के हर प्वाइंट पर उनके साथ जेलकर्मी को साथ रखा गया था। गौरतलब है कि ‘आप’ सरकार बनने के बाद तोमर के पास कानून के साथ-साथ गृह मंत्रालय भी था। गृह मंत्रालय के अधीन ही जेल भी आता है।