डेंगू का खौफ इस कदर बढ़ने लगा है कि गाजियाबाद और दिल्ली को एक दूसरे के मच्छरों से खतरा लगने लगा है। यही वजह है कि दिल्ली से सटे गाजियाबाद की कालोनियों में दो देशों की सरहद जैसा माहौल हो गया है।
दिल्ली और गाजियाबाद के नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम एक ही समय पर दोनों और से फॉगिंग और एंटी लारवा दवा का स्प्रे करा रहे हैं। ताकि मच्छर एक-दूसरे की सीमा में जाकर न छुप जाएं।
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने 17 अगस्त से दवा और फागिंग का यह अभियान एक सप्ताह के लिए शुरू किया है। दरअसल, बरसात के बाद पानी जमा हो जाने से मच्छरों की ब्रीडिंग बढ़ गई है। डेंगू के मामले सामने आने से दोनों शहरों में रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं।
गाजियाबाद नगर निगम ने दिल्ली से सटे हुए कौशांबी, सूर्य नगर, चंद्रनगर समेत कई कालोनियों में फॉगिंग कराई, लेकिन मच्छर दिल्ली की ओर चले गए। मच्छरों पर प्रभावी असर नहीं हो पाया।
एक दूसरे की सीमा ने घुस जाएं मच्छर!
दिल्ली के अधिकारियों ने भी गाजियाबाद नगर निगम को पत्र भेजकर संयुक्त अभियान चलाने का आग्रह किया, ताकि मच्छर एक-दूसरे की सीमा में न जाएं और प्रभावी असर हो सके।
ऐसे में अब नगर निगम और मलेरिया विभाग ने बार्डर एरिया में दिल्ली के साथ ही दवा छिड़काव और फॉगिंग अभियान शुरू किया है।
बुखार से पीड़ित एक निजी चिकित्सक की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। उसका जहांगीराबाद के नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है।
दूसरी ओर जिले में डेंगू का कोई भी केस सामने आने से साफ इनकार करते हुए सीएमओ ने सभी डॉक्टरों को अपने स्तर से डेंगू की पुष्टि नहीं करने का फरमान सुनाया है।
साथ ही हिदायत की है कि संदिग्ध मामला सामने आने पर दो ब्लड सैंपल लें। एक को सरकारी लैब भेजें और दूसरे को सीएमओ के पास भिजवाएं।
अब तक 12 लोग बन चुके हैं शिकार
जहांगीराबाद क्षेत्र के गांव नवीनगर निवासी डॉ. मनोज शर्मा पेशे से निजी चिकित्सक हैं। बकौल मनोज, पांच दिन पहले उन्हें बुखार आया था।
इलाज के बाद भी बुखार नहीं उतरने पर उन्हें जहांगीराबाद स्थित लैब में रक्त की जांच कराई। ब्लड की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है।
फिलहाल उनका इलाज जहांगीराबाद के एक नर्सिंग होम में चल रहा है। इस बाबत पूछने पर सीएमओ ने जिले में कोई भी डेंगू का पीड़ित होने से साफ इनकार किया।
निजी नर्सिंग होम संचालकों और चिकित्सकों को तुगलकी फरमान सुनाया कि वे अपने स्तर से लोकल लैब की रिपोर्ट के आधार पर पुष्टि या घोषणा नहीं करें।
डेंगू पीड़ितों के लगातार मिलने के बावजूद लोगों में जागरूकता नहीं आ रही है। कई सोसायटियों में लगातार डेंगू का लार्वा मिल रहा है।
बरसात और उमस के बाद डेंगू के मामले लगातार मामले बढ़ रहे हैं। अब तक लगभग 12 से अधिक डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। डेंगू का लार्वा कई सोसायटियों में लगातार पनप रहा है। डेंगू का मच्छर भी सक्रिय है।