दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के विरुद्ध कठोर कदम उठाना शुरू कर दिया है। निर्माण गतिविधियों पर धूल प्रदूषण रोकने के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में राजधानी में बने फिक्की के धवस्तीकरण पर रोक लगा दी गई है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने के कारण संस्थान पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। राजधानी में बड़ी निर्माणाधीन इकाइयों पर एंटी स्मॉग गन लगाया जाना अनिवार्य कर दिया गया है।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को फिक्की ऑडिटोरियम में चल रहे निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान फिक्की ऑडिटोरियम में चल रहे ध्वस्तीकरण में दिशा-निर्देशों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद यहां चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल बंद करने का आदेश दे दिया गया। सरकार ने कहा है कि नियमों के अंतर्गत संस्थान पर अर्थदंड भी लगाया जाएगा। मंत्री ने कहा है कि संस्था तब तक निर्माण कार्य नहीं शुरू कर सकेगी, जब तक कि यहां एंटी स्मॉग गन नहीं लगाई जाएगी। निर्माण साइट्स पर नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी निगरानी के लिए 14 टीमें लगाई गई हैं।
ये हैं प्रदूषण के बड़े कारक
दिल्ली में ठंड के दौरान होने वाले प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा धूल कणों का होता है। निर्माण कार्यों के दौरान पीएम 2.5 और पीएम 10 कणों का उत्पादन होता है, जो सांस के जरिए लोगों के फेफड़ों तक पहुंचता है। इसे रोकने के लिए सरकार ने सभी निर्माण गतिविधियों के दौरान प्रदूषण पर रोक लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए बड़ी निर्माण इकाइयों को एंटी स्मॉग गन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके अलावा सड़कों की सफाई के लिए मशीनों के उपयोग, एंटी स्मॉग गन के जरिए हवा के धूल कणोंं का स्थिरीकरण करने जैसे गंभीर उपाय किए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इस साल प्रदूषण के कारण लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पांच अक्टूबर से युद्ध, 'प्रदूषण के विरूद्ध' अभियान शुरू किया है।