गार्गी कॉलेज में छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले में चल रही दक्षिणी जिला पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि युवकों ने कॉलेज में घुसते ही हुड़दंग मचाना शुरू कर दिया था। युवकों की भीड़ एकदम से कॉलेज में घुसी थी।
युवक गेट पर खड़ी कार के हैंडब्रेक लगे होने के बावजूद कार को धक्का देकर अंदर ले गए थे। जांच में ये भी पता चला है कि कॉलेज के बाहर खुलेआम फेस्ट के पास बिक रहे थे। कॉलेज की छात्राओं ने भी युवकों को पास बांटे थे।
दक्षिण जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि कॉलेज के गेट पर एकदम से युवकों की भीड़ उमड़ आई। उस समय कॉलेज के गेट पर आई-10 कार खड़ी थी। युवक कार पर चढ़ गए। इसके बाद कॉलेज के गेट पर चढ़कर कुंडी खोल दी और कॉलेज में घुस गए।
युवक गेट पर खड़ी कार को भी धक्का देकर कॉलेज के अंदर तक ले गए। ये घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में ये भी बात सामने आई है कि गार्गी कॉलेज में फेस्ट से दो दिन पहले डीयू के अन्य कॉलेजों के छात्रों को परिचय पत्र दिखाकर प्रवेश दिया जा रहा था।
फेस्ट वाले दिन के लिए पास जारी किए गए थे। फेस्ट वाले दिन कॉलेज के बाहर कुछ युवक खुलेआम पास बेच रहे थे। पास 100 से 300 रुपये तक में बेचे जा रहे थे। इसके अलावा ये बात भी सामने आई है कि कॉलेज की छात्राओं ने युवकों व अपने दोस्तों को पास बांटे थे।
पास वाले व्यक्ति के साथ और लोग कॉलेज के अंदर आ गए थे। पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि कॉलेज के अंदर 33 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, मगर किसी भी कैमरे की सीसीटीवी फुटेज में किसी छात्रा के साथ बदसलूकी व छेड़छाड़ होती हुई दिखाई नहीं दे रही है।
ऐसे में दक्षिण जिला पुलिस ने जिन दस युवकों को गिरफ्तार किया है उन्हें इसलिए गिरफ्तार किया गया है कि उनके पास पास नहीं था। वह बिना पास के ही कॉलेज के अंदर घुस गए थे। इनमें से ज्यादातर छात्र डीयू के पीजीडीएवी, रामानुज, अरविंदो और रामजस व भगत सिंह कॉलेज के छात्र हैं।