आर्सेनिक बढ़ने से हो सकता है यह कैंसर
नदी के पानी में आर्सेनिक बढ़ने से त्वचा, फेफड़े और मूत्राशय का कैंसर हो सकता है। इसमें लिवर (एंजियोसारकोमा), किडनी और अन्य कैंसर की आशंका सबसे ज्यादा होती है।
पानी के 56 नमूने लिए गए थे
एक शोध के अनुसार, ऊपरी यमुना नदी के पानी में भारी धातु प्रदूषण, संबंधित जोखिम और संभावित स्रोतों की जांच के लिए विभिन्न प्रदूषण सूचकांक और रसायन विज्ञान विधियों का उपयोग किया गया। नदी जल के कुल 56 नमूने लिए गए। इनमें प्री और पोस्ट-मानसून सीजन में 28-28 नमूने एकत्र किए गए। इनमें 15 भारी धातुओं का विश्लेषण किया गया। इसमें पता चला कि प्रदूषण सूचकांक (HPI, NPI, HEI, और Cd) संकेत देते हैं कि निचले जलग्रहण क्षेत्र को छोड़कर अधिकांश स्थान कम से मध्यम प्रदूषित हैं।
प्रदूषण से इन कैंसर की आशंका
- ब्लड कैंसर
- ब्लैडर का कैंसर
- रेक्टल कैंसर
- जीआई कैंसर
- ब्रेस्ट कैंसर
- गॉल ब्लैडर कैंसर
दिखे यह लक्षण तो हो जाएं सतर्क
- अल्सर हो, तिल में तेजी से बदलाव
- पेशाब में खून
- पेट के निचले हिस्से में दर्द हो
- बहुत ज्यादा थकान
- संक्रमण