30 मई को जैनी ने उन्हें फोन कर बताया कि वह मुंबई एयरपोर्ट पहुंच गई है, लेकिन कस्टम अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया है। उनके पास 34 हजार पाउंड के कोई सत्यापित पेपर नहीं हैं। इस पर जैनी ने उसकी बात कस्टम अधिकारी पूजा से भी करवाई।
जैनी को छोड़ने की एवज में उन्होंने करीब 36 लाख रुपये लिए। इसके बाद जैनी ने उसे एक कार्ड भेजा, जिसके जरिये रोज 2 लाख रुपये निकालकर अपनी राशि वापस लेने को कहा। जब पीड़ित ने कार्ड से रुपये निकालने का प्रयास किया, तो वह कार्ड फर्जी पाया गया। इस पर उसने पुलिस को शिकायत दी। डीएलएफ फेज-1 थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।