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'बच्चों को गोली मार दें': GBU में बेटे के साथ हुई मारपीट पर पीड़ित पिता को प्रशासन का जवाब, अब कटवाएंगे नाम

Wed, 03 Jun 2026 08:07 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

उत्तराखंड से यूपी के जीबीयू में पढ़ने आए एक बीटेक छात्र के साथ हुई मारपीट ने परिवार को तोड़ दिया है। पिता ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पिता सीबीएस पांडेय ने बताया कि 23 फरवरी को उनके बेटे ध्रुव पांडेय पर 6 से 7 लड़कों ने हमला किया।

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पिता सीबीएस पांडेय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेटे के साथ मारपीट की घटना ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। कभी नहीं सोचा था कि उत्तराखंड से बच्चे को पढ़ने के लिए यूपी भेजेंगे और उसका नाम कटवाना पड़ेगा। जीबीयू के बारे में बताया गया था कि सरकारी विश्वविद्यालय में सुरक्षा के बेहतर इंतजाम है,लेकिन बेटे के साथ 6 से 7 लड़कों ने जिस प्रकार मारपीट की है। उससे सभी प्रकार की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। यह व्यथा जीबीयू में एक पिता ने बच्चे को न्याय दिलाने के दौरान बताईं। 

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उन्होंने कहा कि 23 फरवरी को बेटे के साथ मारपीट की गई। मारपीट से बीटेक के दूसरे साल के छात्र ध्रुव पांडेय इतना आहत हो चुके हैं कि वह अब कभी भी विवि नहीं आना चाहते हैं। पिता का आरोप है कि यदि बेटे का जीबीयू में अब दोबारा भेजा तो उसकी जान चली जाएगी।
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पिता सीबीएस पांडेय ने बताया कि बेटा ध्रुव सीएस से बीटेक कर रहा है। बेटे के साथ जब मारपीट हुई तो वह बैडमिंटन खेलने के लिए गया था। उसके साथ मारपीट के बाद हॉस्टल में उसके कमरे में आग भी लगा दी गई। गनीमत यह रही कि ध्रुव कमरे में नहीं था। यदि वह कमरे में होता तो शायद वह आज जिंदा भी नहीं होता। 

पिता का आरोप है कि उन्होंने चीफ वार्डन से लेकर कुलपति तक से शिकायत की,लेकिन उसके बाद भी दोषियों पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। 1500 रुपये का फाइन लगाकर केवल छोड़ दिया गया। इसके साथ ही बेटे पर भी 500 रुपये का फाइन लगा दिया गया।

आरोप है कि कुलपति प्रो राणा प्रताप सिंह ने कहा कि बेटे को अराजक तत्व से दूर रखो। उन्होंने कहा कि वह मरीज हैं। उनके बेटे के दो साल बर्बाद हो गए हैं। अब तीसरे साल में उसे कही प्रवेश भी नहीं मिलेगा। यदि बच्चे को विवि में भेजा तो आरोपी उनके बेटे के जीवन को खत्म कर देंगे। उन्होंने बताया कि अब उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीद है कि वह बेटे को न्याय दिलाएंगे।
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बच्चों को गोली मार दें क्या
उन्होंने बताया कि जब दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की तो विवि के अधिकारियों ने कहा कि क्या बच्चों को गोली मार दें। भाषा का भी उपयोग विवि के अधिकारियों की ओर से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो महीने से अधिक का समय बीत गया है अब तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। बच्चा तब से मानसिक उलझन से जूझ रहा है। हॉस्टल से फोन आ रहा है कि नो डूयस करा लिया जाए। जिससे पूरा खेल खत्म हो जाए। उन्होंने बताया कि जब तक बच्चे को न्याय नहीं मिल जाता है तब तक वह लड़ते रहेंगे।

पिता ने मुलाकात करके शिकायत की है। चीफ प्रोक्टर से मामले की पूरी जानकारी ली गई है। आगजनी की घटना को लेकर कमेटी बनाई जा रही है। विवि में हर छात्र को बेहतर माहौल दिया जा रहा है। - प्रो चंदर कुमार सिंह,कुलसचिव
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