पिता का आरोप है कि उन्होंने चीफ वार्डन से लेकर कुलपति तक से शिकायत की,लेकिन उसके बाद भी दोषियों पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। 1500 रुपये का फाइन लगाकर केवल छोड़ दिया गया। इसके साथ ही बेटे पर भी 500 रुपये का फाइन लगा दिया गया।
आरोप है कि कुलपति प्रो राणा प्रताप सिंह ने कहा कि बेटे को अराजक तत्व से दूर रखो। उन्होंने कहा कि वह मरीज हैं। उनके बेटे के दो साल बर्बाद हो गए हैं। अब तीसरे साल में उसे कही प्रवेश भी नहीं मिलेगा। यदि बच्चे को विवि में भेजा तो आरोपी उनके बेटे के जीवन को खत्म कर देंगे। उन्होंने बताया कि अब उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीद है कि वह बेटे को न्याय दिलाएंगे।
बच्चों को गोली मार दें क्या
उन्होंने बताया कि जब दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की तो विवि के अधिकारियों ने कहा कि क्या बच्चों को गोली मार दें। भाषा का भी उपयोग विवि के अधिकारियों की ओर से नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो महीने से अधिक का समय बीत गया है अब तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। बच्चा तब से मानसिक उलझन से जूझ रहा है। हॉस्टल से फोन आ रहा है कि नो डूयस करा लिया जाए। जिससे पूरा खेल खत्म हो जाए। उन्होंने बताया कि जब तक बच्चे को न्याय नहीं मिल जाता है तब तक वह लड़ते रहेंगे।
पिता ने मुलाकात करके शिकायत की है। चीफ प्रोक्टर से मामले की पूरी जानकारी ली गई है। आगजनी की घटना को लेकर कमेटी बनाई जा रही है। विवि में हर छात्र को बेहतर माहौल दिया जा रहा है। - प्रो चंदर कुमार सिंह,कुलसचिव