सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने बनाई एएन32 की कलाकृति
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चार दिन पहले बंगाल की खाड़ी से लापता हुए एएन 32 विमान के पायलट पुष्पेंद्र के पिता अचल सिंह को उम्मीद है कि देश सेवा के लिए गया उनका बेटा मुसीबतों पर विजय पाकर लौटेगा।
29 लोगों को लेकर उड़ान भरने वाले इस विमान को खोजने में लगे सरकारी तंत्र पर उनके परिवार को पूरा भरोसा है। परिजनों ने बताया कि फोन की हर घंटी के साथ उम्मीद जाग जाती है कि अब उनके बेटे की कुशलता की खबर आएगी। सेना और रक्षा मंत्रालय परिवार के संपर्क में हैं, जो उन्हें हर पल की जानकारी दे रहे हैं।
मूल रूप से भिवानी जिले के अलखपुर गांव के अचल सिंह वायुसेना में मास्टर वारंट ऑफिसर (एमडब्ल्यूओ) के पद पर दिल्ली में कार्यरत है और गुड़गांव के सेक्टर 4 में रह रहे हैं। विमान एएन 32 उड़ाने वाला पुष्पेंद्र सिंह उनका बेटा है।
शुक्रवार को आठ बजे प्लेन चेन्नई के पास तंबाराम से पोर्ट ब्लेयर के लिए रवाना हुआ था, जिसे 11:30 बजे वहां पहुंचना था। एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) की एयरक्राफ्ट से आखिरी बातचीत उड़ान भरने के 16 मिनट बाद हुई थी। उसके बाद से विमान का संपर्क टूट गया है।
तीनों सेनाएं कर रही हैं तलाश
चेन्नई के तांबरम से भरी थी उड़ान
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वायुसेना में नौकरी होने के कारण अचल सिंह के परिजन अलग-अलग रहते थे। बेटे पुष्पेंद्र ने हैदराबाद बेगमवेट केंद्रीय विद्यालय से 12वीं किया है। दिसंबर 2011 में उसका वायुसेना में चयन हुआ।
परिवार में एक बड़ी बेटी है, जो मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत है। शुक्रवार दोपहर को बेटे का विमान लापता होने की जानकारी टीवी से पता चली। इसके बाद विभाग के लोगों ने परिवार से संपर्क साधा। वायुसेना में तैनात होने के कारण उनको पूरा भरोसा है कि देश की तीनों सेना व भारत सरकार जिस तरह का प्रयास कर रही है, उससे बेहतर कोई प्रयास नहीं हो सकता।
अचल सिंह ने अमर उजाला को बताया कि सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की अलग-अलग टीम बनाई गई है। जो पूरे मामले का अपडेट लेकर विमान में गए सभी 29 लोगों के परिजनों तक पहुंचा रहे हैं।
जानें लापता विमान एएन 32 के बारे में
लापता विमान एएन 32
विमान की तलाश के लिए भारत ने अमेरिका से सैटेलाइट की मदद भी मांगी है। मां अनीता की आंखों में उम्मीद अभी कायम है। उन्हें पूरा भरोसा है कि उनका बेटा जल्द ही लौट कर आएगा।
जून में छुट्टी बिताकर पुष्पेंद्र हाल ही में ड्यूटी पर लौटा था। बीच-बीच में जब वह विमान लेकर दिल्ली आता था तो समय निकाल कर परिवार वालों से मिलने आता था। घर में बहन बड़ी है। इसलिए पहले उसकी शादी होनी है।
परिवार में सब कुछ सही चल रहा था। विमान के लापता होने से पूरा माहौल बदल गया है। पुष्पेंद्र के मामा व मौसा व अन्य रिश्तेदार हिसार में रहते हैं। हिसार में पुष्पेंद्र के पिता का भी प्लॉट है, जहां पर उनकी बसने की योजना है।
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एंटोनोव (एएन)- 32 एयरफोर्स ट्रांसपोर्टर है।
एक बार में चार घंटे उड़ान भर सकता है।
हर मौसम के अनुकूल, 55 डिग्री पर टेकऑफ करने की क्षमता।
जीपीएस , राडार और मॉडर्न नेविगेशन सिस्टम से लैस है।
29 लोग विमान में सवार थे। शुक्रवार सुबह 8:45 बजे टूट गया था संपर्क।