बेटी की दर्दनाक मौत के बाद पिता ने CM को लिखी 11 पन्नों की भावुक चिट्ठी
Sat, 09 Dec 2017 09:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
सार
मुख्यमंत्री से कहा, मेरी मृत बेटी को इंसाफ दिलवाओ
आद्या के पिता ने मुख्यमंत्री को भेजी 11 पन्नों की शिकायत
- फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ दी 11 पन्नों की शिकायत
- अस्पताल प्रबंधन समेत डॉक्टर के खिलाफ आपराधिक मामला चलाने की मांग
- पुलिस में भी लिखित शिकायत देकर की कार्रवाई की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम।
सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल में डेंगू के इलाज के दौरान सात साल की आद्या के मौत के मामले में उसके पिता जयंत ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से अपनी मृत बेटी के लिए इंसाफ की गुहार लगाई है। उन्होंने इंसाफ के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को 11 पन्नों की शिकायत भेजी है।
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इसके साथ ही शुक्रवार को अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर के खिलाफ सुशांत लोक थाना में लिखित शिकायत दी है। शिकायत में आद्या के पिता जयंत सिंह ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर की लापरवाही की वजह से बच्ची की जान गई और इसके साथ ही डॉक्टरों द्वारा मामला रफा-दफा करने के लिए धमकाने व रिश्वत देने की बात कही गई। उन्होंने बूतों को नष्ट करने के लिए अस्पताल के खिलाफ आपराधिक दर्ज करने की मांग भी की है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।
बता दें कि द्वारका दिल्ली के रहने वाले जयंत सिंह ने अपने सात वर्षीय बेटी आद्या को डेंगू होने के बाद 31 अगस्त को भर्ती कराया था। अस्पताल की ओर से 14 सितंबर तक इलाज के दौरान 15 दिन का बिल 15.76 लाख रुपये बिल दिया था।
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11 पन्नों की शिकायत में ये कहा
इस मामले में ट्विटर द्वारा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से इंसाफ की गुहार लगाने के बाद प्रदेश सरकार ने भी कमेटी गठित की थी। जिसमें अस्पताल पर कई लापरवाही के मामले सामने आए हैं। इसी मामलों को आधार पर जयंत सिंह ने सुशांत लोक थाने में शिकायत दी है।
11 पन्नों की शिकायत में उन्होंने कहा है कि डॉक्टर ने बिना उन्हें सूचित किए वेंटिलेटर से पाइप हटा दी थी। उनकी पत्नी बेटी को फोर्टिस से दूसरे अस्पताल में रेफर कराना चाहती थी, कई बार बात भी की। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने षड्यंत्र रचकर नहीं ले जाने दिया और अंत में बच्ची की मौत हो गई।
पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में अस्पताल के चेयरमैन मलविंद्र सिंह, वाइस चेयरमैन शिव इंद्र मोहन सिंह, शेयरहोल्डर रघुनदन कोचर, जसबीर सिंह ग्रेवाल, पंकज गुलाटी, हेमंत ढींगरा, दिलजीत सिंह, गगनदीप सिंह बेदी, एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट रिसर्च सेंटर के अलावा इलाज करने वाले डॉक्टर कृष्ण चुग, विकास तनेजा, लकी, भावना, प्रीति आनंद, विकास वर्मा, कमल, सुचिता, लिली शामिल हैं।
जयंत सिंह ने कहा कि जब दिल्ली के मैक्स अस्पताल पर वहां की सरकार कार्रवाई कर सकती है तो मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी यहां कार्रवाई कर सकते हैं।
उन्होंने सरकार से सख्त से सख्त कदम उठाने की मांग की और कहा कि फोर्टिस अस्पताल ने रियायती दरों पर जमीन लेकर भी अपने मेडिकल एथिक्स का पालन नहीं कर रही है।
ऐसे में अस्पताल प्रबंधन के आला अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जयंत ने कार्रवाई के लिए हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को भी पत्र भेजा है।