नई दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में बृहस्पतिवार सुबह एक पिता-पुत्री की बंद कमरे में जहरीली गैस बनने पर दम घुटने से मौत हो गई। जबकि महिला व उसके बेटे को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। महिला के घर घुमने आई महिला रिश्तेदार की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने पिता-पुत्री के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक हौसला प्रसाद सपरिवार नया बाजार इलाके में रहता था। वह एक फार्म हाउस में काम करता था। परिवार में उसकी पत्नी रामदुलारी, बेटी सोनम और बेटा सोनू है। इन दिनों रामदुलारी की मामी परमा देवी भी घुमने के लिए उसके घर आई हुई है।
बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे तक जब हौसला प्रसाद का घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों ने उनका दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिलने पर पड़ोसियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे में सभी लोग अचेत पड़े हुए थे। पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों को उपचार के लिए दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया।
जहां डॉक्टरों ने हौसला प्रसाद और सोनम को मृत घोषित कर दिया। वहीं रामदुलारी और उसके बेटे सोनू को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। जबकि परमा देवी की हालत गंभीर बनी हुई है।
पूछताछ में रामदुलारी ने पुलिस को बताया कि ठंड से बचने के लिए उनलोगों ने कमरे में ही अलाव जला रखा था और रात में सोने के समय दरवाजा को बंद कर दिया। पुलिस ने आशंका जताई है कि आक्सीजन नहीं मिलने की वजह से पिता-पुत्री की दम घुटने से मौत हुई है।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। गौरतलब है कि बुधवार को कोटला मुबारकपुर इलाके में गैस वाला हीटर जलाकर सोए इंजीनियर सतीश कुमार वर्मा, पत्नी शशि और बेटे अर्चित की दम घुटने से मौत हो गई थी।