नोएडा सेक्टर-62 से मोहननगर मेट्रो फेज-तीन कॉरिडोर के स्वरूप और फंडिंग पैटर्न को लेकर शुक्रवार को लखनऊ में प्रमुख सचिव आवास की अध्यक्षता में अहम बैठक होगी। बैठक में मेट्रो फेज-तीन के अलाइनमेंट, उसके स्वरूप और फंडिंग पैटर्न के विभिन्न विकल्पों पर मंथन होगा।
जीडीए की ओर से प्रमुख सचिव को यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) की शर्तों का पालन करने संबंधी एक अन्य पत्र भेजा गया था। अगर यूपीएमआरसी वाले पैटर्न पर मंजूरी मिलती है तो जीडीए को बड़ी राहत मिलेगी।
यूपीएमआरसी की फंडिंग की मुख्य शर्त में मेट्रो फेज-तीन कॉरिडोर की लाइन का डीएमआरसी की लाइन से अलग होना अनिवार्य है। इस पर जीडीए की ओर से अपनी हामी भरकर ही पत्र भेजा गया था।
यूपीएमआरसी के शर्तों के तहत मेट्रो फेज-तीन का कॉरिडोर सेक्टर-62 में नोएडा मेट्रो और मोहननगर में मेट्रो फेज-2 से सीधे न जुड़कर पैदल पारपाथ (स्काई-वे) की मदद से जुड़ा होगा। बैठक में अगर जीडीए के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग की टेंशन काफी हद तक दूर हो जाएगी।
दूसरी ओर बैठक में सेक्टर-62 नोएडा से मोहननगर तक मेट्रो फेज-तीन के अलाइनमेंट पर मंथन किया जाएगा। बीते साल नवंबर में हुई बैठक में मुख्य सचिव के निर्देश के बाद कॉरिडोर को वसुंधरा जंक्शन की जगह सीधे मोहननगर तक विस्तार दिया गया था।
वसुंधरा सेक्टर-2 स्टेशन पर जंक्शन प्रस्तावित है। इस जंक्शन को स्काई-वे (पैदल पारपथ) के जरिए साहिबाबाद में प्रस्तावित रैपिड रेल के स्टेशन से जोड़ा जाएगा। यूपीएमआरसी के अलावा जीडीए की ओर से 50 फीसदी शासन, 20 फीसदी जीडीए व 10 फीसदी अन्य सरकारी विभागों से फंडिंग का दूसरा प्रस्ताव भी भेजा गया है। यूपीएमआरसी से जुड़े प्रस्ताव पर मंजूरी न मिलने पर इस प्रस्ताव पर मंथन हो सकता है।
1866 करोड़ का है मेट्रो फेज-तीन कॉरिडोर
नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से मोहननगर तक प्रस्तावित मेट्रो फेज-3 कॉरिडोर की संशोधित डीपीआर में लंबाई 5.91 किमी है। 1866 करोड़ के इस कॉरिडोर में कुल छह स्टेशन होंगे।
फेज-3 कॉरिडोर में वैभवखंड, डीपीआर इंदिरापुरम, शक्तिखंड, वसुंधरा सेक्टर-5, मोहननगर में से सबसे महत्वपूर्ण वसुंधरा सेक्टर-2 स्टेशन है। ऐसे में राज्य सरकार से अंशदान का बड़ा हिस्सा मिलने से जीडीए पर पूर्व के प्रोजेक्ट की तरह अधिक आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
ऐसे ही वैशाली से साहिबाबाद का मेट्रो फेज-4 कॉरिडोर वसुंधरा सेक्टर-2 मेट्रो स्टेशन से जुड़ना है। फेज-3 में अगर शासन फंडिंग करता है तो फेज-4 को भी इसका लाभ मिलेगा।
मेट्रो फेज-तीन कॉरिडोर के बाबत लखनऊ में अहम बैठक शुक्रवार को होगी। बैठक में फंडिंग पैटर्न, अलाइनमेंट और निर्माण के स्वरूप पर मंथन किया जाएगा।
- कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए