अब किसानों को साल में सिर्फ तीन ही बार बिजली बिल भरना होगा। बिजली निगम ने किसानों के कृषि कनेक्शन का बिलिंग सिस्टम बदल दिया है। किसानों को आगे से दो की बजाय चार महीने के बिल मिलेंगे।
10 पैसे प्रति यूनिट ट्यूबवेल कनेक्शन की लागत होने के कारण किसानों का दो महीने का ज्यादा बिल नहीं बनता है। इसलिए बिजली निगम ने स्वयं के साथ-साथ किसानों के भी बार-बार बिल भरने के झंझट को कुछ कम करने के लिए यह फैसला लिया है। किसानों को अगली बार से चार महीने का बिल भेजा जाएगा।
दो लाख से ज्यादा हैं ट्यूबवेल कनेक्शन : दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के तहत दो लाख 10 हजार से ज्यादा ट्यूबवेल कनेक्शन संचालित हैं। जिसमें से फरीदाबाद जिले में 8720 कनेक्शन हैं।
बिल भरने के लिए हर दो महीने बाद किसानों को लाइन में लगना पड़ता है, जबकि बिजली निगम को भी पूरा रिकवरी सिस्टम बिठाना पड़ता है।
एक बार बिल जारी होने के बाद फील्ड के अधिकारियों पर भी रिकवरी का दबाव रहता है। ऐसे में यह फैसला किसानों के लिए लाभकारी भी होगा, क्योंकि फसल बेचने के बाद पैसा आने पर बिल भरने में आसानी रहेगी।
बिजली निगम प्रबंधन ने ट्यूबवेल कनेक्शन के बिल दो की बजाय चार महीने के भेजने का फैसला किया है। इसके ऑर्डर जारी कर दिए हैं। इससे बिजली निगम व किसान दोनों को फायदा मिलेगा। अगला बिल चार महीने का ही जनरेट किया जाएगा।-जेबी मुदगिल, चीफ इंजीनियर, कॉमर्शियल विंग