. तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द/निरस्त करने के लिए अपनाए जाने वाली क्रियाविधि।
. सभी किसानों और कृषि वस्तुओं के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा सुझाए लाभदायक एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की प्रक्रिया और प्रावधान।
. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अध्यादेश, 2020 में ऐसे संशोधन, जो अध्यादेश के दंड प्रावधानों से किसानों को बाहर करने के लिए जरूरी हैं।
. किसानों के हितों की रक्षा के लिए %विद्युत संशोधन विधेयक 2020% के मसौदे में जरूरी बदलाव।
केंद्र सरकार के वार्ता का प्रस्ताव स्वीकार करने के साथ किसान संगठनों ने सरकार पर दबाव बढ़ाने की योजना भी तैयार की है। 29 मार्च की वार्ता कामयाब न होने की सूरत में किसान संगठन 30 मार्च को सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर व शाहजहांपुर बॉर्डर के बीच ट्रैक्टर मार्च करेंगे। इसके लिए किसान संगठन केएमपी का सहारा लेंगे।
इसके साथ ही दिल्ली व हरियाणा के लोगों से अपील की है कि वह नया साल सिंघु बॉर्डर पर मनाएं। दूसरी तरफ रविवार को प्रधानमंत्री की मन की बात का विरोध करने के लिए थाली बजाने का एलान भी किसानों ने किया है।
सिंघु बॉर्डर पर बीते दो दिनों से किसान संगठनों के बीच वार्ता का क्रम जारी रहा। शुक्रवार को पंजाब के संगठनों की आपस में बातचीत करने के बाद शनिवार दोपहर बाद को राष्ट्रीय स्तर के संगठनों से बातचीत हुई। इसमें वार्ता का प्रस्ताव स्वीकार करने के साथ भविष्य की आंदोलन की रणनीति भी तय की गई।
हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर शाहजहांपुर बार्डर से आंदोलन को आगे बढ़ा योगेंद्र यादव ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ इस बार वार्ता सफल नहीं होती तो 30 मार्च को ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। कोंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे से होकर ट्रैक्टर सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर व शाहजहांपुर बॉर्डर के बीच दोपहर 12 बजे से मार्च करेंगे।
वहीं, किसान नेता दर्शन पाल ने बताया कि दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन स्थलों पर 27 और 28 दिसंबर को गुरु गोविंद सिंह के बेटे का शहीदी दिवस मनाया जाएगा। वहीं, 30 को ट्रैक्टर मार्च होगा। उन्होंने दिल्ली व हरियाणा के लोगों से अपील की नया वर्ष वह सिंघु बॉर्डर पर मनाएं। इस दौरान किसानों के साथ लंगर से प्रसाद भी लेकर जाएं। इससे किसानों की समस्याओं का समझने में मदद मिलेगी और नया साल भी अन्नदाताओं के बीच गुजरेगा।