दिल्ली के बॉर्डर पर सोमवार को भी किसान जमे रहे। भारती किसान यूनियन के महासचिव जगमोहन सिंह ने मीडिया से कहा कि हम सभी राज्यों के किसान संगठनों से मीटिंग नहीं कर पाए हैं। अब तक हमने सिर्फ पंजाब के 30 संगठनों से बातचीत की है। हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सशर्त निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है।
वहीं, किसान यूनियन के अध्यक्ष (हरियाणा) गुरनाम सिंह ने कहा कि संविधान के अनुसार शासन लोगों के द्वारा, लोगों के लिए, लोगों का होता है। लेकिन अब शासन कॉरपोरेट्स द्वारा, कॉरपोरेट्स के लिए और कॉरपोरेट्स का हो गया है। कॉरपोरेट्स के लिए कानून बनाए जा रहे हैं और लोगों का शोषण किया जा रहा है।
हमारे वरिष्ठ नेताओं ने किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है: हरदीप सिंह पुरी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि हमारे वरिष्ठ नेताओं ने किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है और वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने को तैयार हैं। वार्ता हमेशा बिना पूर्व शर्त या पूर्व धारणा के आयोजित की जाती है। मुझे पूरी उम्मीद है कि उनकी सभी वास्तविक मांगों पर विचार किया जाएगा और मुद्दों को हल किया जाएगा।
किसानों के धरने को मिल रहा समर्थन
भारतीय किसान यूनियन संगठन के किसानों के यूपी गेट पर चल रहे धरने को लगातार समर्थन मिल रहा है। धरने में सैकड़ों लोग शामिल हो रहे हैं। धरने में शामिल होने जा रहे सरदार मंजीत सिंह ने कहा जब तक तीनों अध्यादेश वापस नहीं होते या सरकार एमएस पी प्राइस पर कानून नहीं बनाती तब तक धरना प्रदर्शन चलता रहेगा। किसान नेता पवन खटाना, हरेंद्र भाटी, सरदार गुरुचरण सिंह, सुनील प्रधान, गजेंद्र नागर, सुंदर खटाना, अनिल खटाना, संदीप खटाना, धर्मपाल स्वामी, सचिन नागर, इंदरजीत कसाना, पवन नागर आदि सैकड़ों लोग धरने प्रदर्शन में शामिल हुए।