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किसान वार्ता को तैयार, लेकिन शर्त नहीं मानेंगे, पांच मुख्य मार्गों पर करेंगे दिल्ली की घेराबंदी 

Mon, 30 Nov 2020 04:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली 
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आंदोलनरत किसान... - फोटो : amar ujala
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नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों ने कहा है कि वे सरकार से बातचीत को तैयार हैं, लेकिन किसी शर्त पर नहीं। बीते चार दिनों से सिंघु व टिकरी बॉर्डर पर डटे किसानों ने बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड जाने से भी साफ इनकार कर दिया है। रविवार को 30 किसान संगठनों की बैठक के बाद उनके प्रतिनिधियों ने कहा, गृहमंत्री अमित शाह ने जो शर्त रखी, हमें मंजूर नहीं है। यह किसानों का अपमान है। हम यहां से नहीं हटेंगे। हम बुराड़ी ग्राउंड नहीं जाएंगे, वह पार्क नहीं ओपन जेल है। हम वहां जाने के बजाय पांच मुख्य सड़कों (नेशनल हाईवे) को जाम कर दिल्ली की घेराबंदी करेंगे। 

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि जैसे ही किसान बुराड़ी ग्राउंड में शिफ्ट हो जाते हैं, अगले दिन सरकार उनसे बात करेगी। इसके बाद रविवार को किसान नेताओं ने बैठक की। शाम को प्रेस कांफ्रेंस में भाकियू के हरियाणा यूनिट के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा, सरकार का प्रस्ताव ठुकराते हुए कहा, हमें सरकार की प्रस्ताव मंजूर नहीं है। सरकार ने हमें शर्त रखकर बातचीत को बुलाया है। सरकार को बातचीत का माहौल बनाना चाहिए। अगर कोई शर्त होगी तो हम बात नहीं करेंगे। 



वहीं, अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के प्रतिनिधियों ने कहा, अगर सरकार किसानों की मांगों को लेकर गंभीर है, तो उसे बात करनी चाहिए। भारतीय किसान एकतागृह के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने कहा, हम बॉर्डर से नहीं हटेंगे। हमारी मांग है कि सरकार कृषि कानूनों को वापस ले। इससे कम हमें कुछ भी मंजूर नहीं है।  
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भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत सिंह फूल ने कहा कि हमारे पास तो चार महीने का राशन है, हमें चिंता करने की क्या जरूरत है। हमारी ऑपरेशन कमेटी आगे का फैसला करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि हम अपने मंच पर किसी भी राजनीतिक दल को जगह नहीं देंगे। 

किसानों की अहम शर्तें 

  • कानून वापस ले केंद्र सरकार
  • बुराड़ी ग्राउंड नहीं जाएंगे 
  • बिना शर्त ही होगी वार्ता 

मंत्रियों की टीम बात करने को तैयार 
इस बीच, केंद्रीय गृहसचिव अजय कुमार भल्ला ने 32 किसान संगठनों को भेजे पत्र में कहा है कि एक बार किसान निर्धारित स्थान पर पहुंच जाते हैं तो मंत्रियों की उच्च स्तरीय टीम विज्ञान भवन में उनके साथ बातचीत करेगी। 

आंदोलन का रास्ता छोड़ें किसान: तोमर 
सरकार किसानों से तीन दौर की वार्ता कर चुकी है। चौथी बार तीन दिसंबर को मिलने का प्रस्ताव दिया गया है। सरकार खुले मन से बात करने को तैयार है, पर किसान यूनियन को बातचीत का माहौल बनाना चाहिए। उन्हें आंदोलन का रास्ता छोड़कर चर्चा का रास्ता अपनाना चाहिए। 

आंदोलन को कभी राजनीति से प्रेरित नहीं कहा: शाह 
मैंने कभी भी किसानों के आंदोलन को राजनीति से प्रेरित नहीं कहा और न ही अब कह रहा हूं। लोकतंत्र में एक विषय पर सभी को विभिन्न मत रखने का अधिकार है। तीनों कानून किसानों के हितैषी हैं। राजनीतिक रूप से प्रेरित विपक्ष इसका विरोध कर रहा है। 

खाप पंचायतों का आज दिल्ली कूच 
हरियाणा की खाप पंचायतों ने भी किसानों के समर्थन में उतरने का एलान कर दिया है। रविवार को बैठक के बाद रोहतक के विधायक सोमवार सांगवान ने कहा, सभी खाप पंचायतों ने फैसला किया है कि वह तन मन धन से किसानों के साथ हैं। सभी खाप पंचायतें सोमवार को दिल्ली कूच करेंगी।

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दिल्ली को पांच तरफ से घेरने का किसान संगठनों का एलान

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमा पर आंदोलनरत पंजाब के किसान संगठनों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का प्रस्ताव खारिज कर दिया है। किसान संगठन बुराड़ी के निरंकारी मैदान जाने की जगह दिल्ली की पांच सीमाओं से अपने आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे। किसान संगठनों की योजना दिल्ली को उत्तर प्रदेश व हरियाणा की तरफ से घेराव कर आंदोलन को तेज करने की है।

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए पंजाब के करीब 31 किसान संगठनों ने सिंघु बार्डर पर लंबी बैठक की। इसमें चर्चा का केंद्र बिंदु केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का वह प्रस्ताव था, जिसमें उन्होंने बातचीत करने से पहले बार्डर से हटकर निरंकारी मैदान जाने की बात कही थी। किसान प्रतिनिधियों ने तय किया वह निरंकारी मैदान नहीं जाएंगे। इसकी जगह दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर डटे रहेंगे।

सिंघु बार्डर पर शाम करीब पांच बजे मीडिया के सामने अपनी रणनीति बताते हुए भारतीय किसान युनियन (राजेवाल) के प्रधान बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की शर्त अपमानजनक है। किसान बुराड़ी मैदान में नहीं जाएंगे। वह ओपन जेल है। इसके हक में राजेवाल ने दावा किया कि उत्तराखंड के तेजिंदर सिंह विर्क की अगुआई में किसान दिल्ली के जंतर-मंतर जाना चाहते थे। दिल्ली के प्रशासन और पुलिस ने उनके साथ धोखा किया है। उन्हें जंतर-मंतर न ले जाकर बुराड़ी पार्क में कैद कर दिया।

बलवीर सिंह राजेवाल के मुताबिक, आंदोलन के तेज करने के लिए किसान दिल्ली की हर तरफ से घेराबंदी करेगे। सिंघु व टिकरी बार्डर के अलावा दिल्ली-जयपुर हाईवे, मथुरा-आगरा से दिल्ली हाईवे, दिल्ली-गाजियाबाद हाईवे जाम करेंगे। किसानों का धरना 5 सीमाओं पर चलेगा। किसानों ने ट्रैक्टर-ट्राली को घर जैसा बना रखा है। अगर 4 महीने भी हमें रोड पर बैठना पड़े, तो बैठ लेंगे।
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