गाजीपुर बॉर्डर पर चार साल का रेहान अपने पिता के साथ प्रदर्शन कर रहे किसानों को केले और बिस्किट बांट रहा है। रेहान ने कहा कि मेरे पिता एक छोटे किसान हैं। मैं पिछले 15 दिनों से यहां आ रहा हूं
चिल्ला बॉर्डर (दिल्ली-यूपी) प्रदर्शन कर रहे किसानों ने ट्रैफिक मूवमेंट के लिए खोल दिया है। एक किसान का कहना है, हमारे नेता आज रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री से मिले, हमें आश्वासन दिया गया है कि हमारी मांगें पूरी होंगी, इसलिए हमने रास्ता खोला है।
दिल्ली के सिंघु बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर) पर एक अस्थायी जिम स्थापित किया गया है। रूपनगर के जसप्रीत सिंह कहते हैं कि यह हमारी दिनचर्या का हिस्सा है इसलिए हमने यहां एक जिम बनाने का फैसला किया। लोग अपनी सुविधा के अनुसार जिम जाते हैं।
किसानों के विरोध के कारण नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली के लिए यातायात के लिए चिल्ला और गाजीपुर सीमाएं बंद हैं। दिल्ली पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा और भोपरा बॉर्डर के माध्यम से दिल्ली आने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज भारतीय किसान यूनियन (भानु) के नेताओं से मुलाकात की।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हरियाणा के प्रगतिशील किसान नेताओं ने मुझसे मुलाकात की और उन्होंने हस्ताक्षर के साथ तीन कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अपने अनुभवों को भी साझा किया कि ये कानून उन्हें कैसे लाभ पहुंचा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हमने उनकी पुरानी बातों में से निचोड़ निकालकर जो उनके संदेह नज़र आए उस पर एक बहुत अच्छा प्रपोजल दिया लेकिन उस पर भी कोई चर्चा करने को तैयार नहीं है। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि माओवादी और नक्सल उन्हें चर्चा से रोक रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि कुछ नेताओं ने इस आंदोलन को हाइजैक कर लिया है। नक्सल-माओवादी ताक़तें जो वहां हावी हो गई हैं...ऐसे में किसानों को समझना पड़ेगा कि ये आंदोलन उनके हाथ से निकल कर इन माओवादी और नक्सल लोगों के हाथ में चला गया है
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मैं सभी पॉलिटिकल पार्टियों से डिमांड करता हूं कि उन्हें किसानों को भ्रमित कर उनके कंधों पर एक आंदोलन के रास्ते को प्रोपागेट करने की बजाय इन माओवादी-नक्सल ताक़तों से देश को भली भांति अवगत करवाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देशभर में किसान खुश हैं उन्हें दिख रहा है कि नया निवेश आएगा, इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होगा, रोज़गार के नए अवसर बनेंगे। इन सब अवसरों से माओवादी ताक़तें किसानों को वंचित रखना चाहती हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मैं समझता हूं कि विपक्ष के 18 दलों ने मिलकर कोशिश कर ली पर भारत नहीं बंद हुआ। भारत चलेगा, भारत और तेज़ चलेगा, दौड़ेगा। ये विश्वास आज देश में है।
पीयूष गोयल ने कहा कि मुझे विश्वास है कि अधिकांश किसान कानूनों के साथ खड़े हैं, उनमें से कुछ के पास कुछ आरक्षण थे जो बातचीत के माध्यम से हल किए गए थे। एक बिंदु डालने के बाद तालिका छोड़ने से कोई हल नहीं निकलता है, जिससे पता चलता है कि शायद आंदोलन उनके हाथ से निकल गया है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सबका विश्वास रहता है कि हमारे लीडर हमारा ध्यान रखेंगे पर शायद यहां ऐसे लीडर हैं ही नहीं। ऐसा डर का माहौल इन नक्सल लोगों ने बना दिया है कि जो किसान नेता असल मुद्दों की बात करना भी चाहते हैं तो किसी में हिम्मत ही नहीं बन पा रही है क्योंकि ये डरा देते हैं।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत सरकार के द्वार 24 घंटे किसानों के लिए खुले हैं। मैं समझता हूं कि अगर ये किसान आंदोलन माओवादी और नक्सल ताकतों से मुक्त हो जाए, तो हमारे किसान भाई-बहन जरूर समझेंगे कि किसान के ये बिल उनके और देशहित के लिए हैं।
किसानों का कृषि कानूनों के विरोध के 17वें दिन भी टिकरी बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा सीमा) पर धरना जारी है। वहीं बॉर्डर पर सुरक्षाकर्मी भी तैनात हैं। स्थिति पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
भाजपा सांसद महेश शर्मा ने कहा कि मैंने किसानों भाइयों को विश्वास दिलाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई भी कदम किसानों के हित के खिलाफ नहीं जाएगा। किसानों के किसी भी चिंतन के लिए खुले मन से हमारी सरकार और मंत्री तैयार हैं। मोदी जी ने आजतक जितने फैसले लिए हैं गरीबों के हित और किसानों के हित में ही लिए हैं।
हनुमान बेनीवाल ने कहा, हम कांग्रेस या अन्य दलों के राजनीतिक शिकार नहीं होना चाहते इसलिए हनुमान बेनीवाल यह प्रण लेता है कि बिना किसी लोभ-लालच के किसानों के लिए अगर मुझे संसद की सदस्यता से इस्तीफा भी देना पड़ा तो वह भी दूंगा।
राजस्थान में एनडीए के सहयोगी दल रालोपा (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) से नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी किसान आंदोलन के समर्थन में अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि किसान विरोधी तीन बिल जिस दिन लोकसभा में आए, अगर मैं उस दिन होता तो लोकसभा के अंदर बिलों को फाड़कर फेंक देता। उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह से अकाली दल ने इन बिलों का विरोध किया, उसी तरह मैं भी विरोध करता।
दिल्ली के बुराड़ी निरंकारी ग्राउंड में कृषि कानूनों के विरोध में डटे अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रेम सिंह गहलावत ने कहा कि पलवल और जयपुर रोड को जयपुर से आए संगठन आज बंद करेंगे। अंबानी और अडानी के माल पर हम धरना देंगे। जिओ सिम और जिओ फोन का बहिष्कार किया गया है। हरियाणा के टोल फ्री करवाए जाएंगे।
किसान नेता गुरनाम सिंह ने कहा कि पंजाब से आने वाले किसानों की ट्रॉलियों को रोका जा रहा है। हम सरकार से किसानों को दिल्ली पहुंचने की अनुमति देने की अपील करते हैं। अगर सरकार 19 दिसंबर से पहले हमारी मांगों को नहीं मानती है, तो हम उसी दिन गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस से उपवास शुरू करेंगे।
किसान नेता कमल प्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि और अध्यक्ष स्टेज पर 14 तारीख को अनशन पर बैठेंगे। हम अपनी माताओं और बहनों से इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान करते हैं। उनके रहने, ठहरने और टॉयलेट का प्रबंध करने के बाद हम उन्हें इस आंदोलन में शामिल करेंगे।
सिंघु बॉर्डर से संयुक्त किसान आंदोलन के नेता कमल प्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि कल 11 बजे शाहजहांपुर (राजस्थान) से जयपुर-दिल्ली वाला जो रोड है उसे रोकने के लिए हज़ारों की संख्या में किसान ट्रैक्टर मार्च करेंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने हरियाणा के किसान नेताओं के साथ दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में बैठक की।
कमल प्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि हम अपने आंदोलन को विफल करने के लिए केंद्र द्वारा किसी भी प्रयास को विफल करेंगे। हमें विभाजित करने और हमारे आंदोलन के लोगों को भड़काने के लिए सरकार ने कुछ छोटे प्रयास किए थे। लेकिन, हम शांतिपूर्वक इस आंदोलन को जीत की ओर ले जाएंगे।
किसानों ने आंदोलन तेज कर दिया है। संयुक्ता किसान आंदोलन के नेता कमल प्रीत सिंह पन्नू ने कहा कि सभी किसान यूनियनों के नेता सिंघु बॉर्डर पर 14 दिसंबर को भूख हड़ताल पर बैठेंगे। हम चाहते हैं कि सरकार तीनों कृषि बिल वापस ले, हम संशोधन के पक्ष में नहीं हैं। केंद्र हमारे आंदोलन को विफल करना चाहता है, लेकिन हम इसे शांतिपूर्वक जारी रखेंगे।
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कृषि मंत्री से मुलाकात के बाद कहा कि मुझे उम्मीद है कि केंद्र और किसानों के बीच सहमति बनेगी। हम इस मुद्दे को बातचीत से हल कर सकते हैं।
हरियाणा के उपमुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता दुष्यंत चौटाला ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से दिल्ली में मुलाकात की।
मुरादाबाद के बिलारी में हाइवे स्थित इब्राहिमपुर टोल प्लाजा पर प्रदर्शन करते और सीओ से मिलकर रोष जताते भारतीय किसान यूनियन असली के कार्यकर्ता
मुरादाबाद के बिलारी के सिहारी लता गांव में प्रशासन द्वारा टोल पर जाने के लिए रोकने से नाराज भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए किसानों के समर्थन में गाजियाबाद के कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे। पुलिस ने यूपी बॉर्डर के कार्यालय में ही रोक लिया। सभी को हाउस अरेस्ट कर दिया गया। इस दौरान नरेंद्र राठी ने कहा सरकार का तानाशाही रवैया लगातार बढ़ता जा रहा है। पूर्व प्रभारी प्रचार समिति उत्तर प्रदेश के एन पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है। अपनी बात कहने वाले को दबाया जा रहा है। किसानों के इस आंदोलन में कांग्रेस किसानों के साथ है।
आगरा में इनर रिंग रोड के रहन कलां टोल प्लाजा पर कई लेन बंद है। इसके कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई है। टोल पर पीएसी के जवान तैनात हैं।
किसानों के प्रदर्शन को लेकर लखनऊ-कानपुर हाइवे और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात है। अभी तक माहौल पूरी तरह से शांत है। वहीं कानपुर देहात स्थित बारा टोल प्लाजा फ्री नहीं हो सका। यहां भाकियू पदाधिकारी नहीं आए। हालांकि भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
किसानों के टोल प्लाजा घेराव के आह्वान का नौतनवां में कोई असर देखने को नहीं मिला। हर दिन की तरह शनिवार की सुबह भी स्थितियां सामान्य रहीं। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत उपद्रवों से निपटने को लेकर नौतनवां क्षेत्र के छपवा टोल पर सीओ अजय सिंह चौहान व थानाध्यक्ष छोटेलाल के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर पुलिस फोर्स तैनात रही।
बस्ती जिले में किसान आंदोलन को लेकर आधी रात को फोरलेन पर अचानक निगरानी बढ़ा दी गई थी। सुरक्षा प्रबंधों के तहत अग्नि शमन विभाग व यूपी 112 को भी अलर्ट कर दिया गया था। खुफिया एजेंसियां टोल प्लाजा को लेकर किसानों की गतविधियों पर नजर रखने को कहा गया है।
सिंघु बॉर्डर पर बारिश से बचने के लिए व्यवस्था करते किसान।
दिसंबर की सर्दी के साथ सिंघु बॉर्डर पर मक्के की रोटी, सरसों का साग और मक्खन का प्रसादा शुरू हो चुका है
सिंघु बॉर्डर पर केंद्र सरकार के विरोध में केंद्र के मंत्रियों और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना के पुतले टावर पर लटकाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के किसान नेता डूंगर सिंह ने कहा कि हम आलू, गन्ना, अनाज, सब्जियां और दूध समेत अपनी सभी उपज का एमएसपी चाहते हैं। हम लिखित रूप में यह गारंटी नहीं चाहते हैं, लेकिन हम एमएसपी के लिए एक कानून चाहते हैं।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के सरदार वीएम सिंह ने कहा कि हम एमएसपी पर आश्वासन चाहते हैं। हम इसके तहत अपनी फसल की खरीद की गारंटी चाहते हैं। अगर आप (सरकार) एमएसपी गारंटी बिल लेकर आएंगे तो किसानों को फायदा होगा।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के फतेहाबाद टोल प्लाजा पर वाहनों का आवागमन सामान्य है। यहां सुबह कुछ किसानों ने इनर रिंग रोड से आने की कोशिश की थी, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। फोर्स तैनात है।
किसानों के आंदोलन का आज 17वां दिन है। सिंघु बॉर्डर से किसान नेताओं ने टोल प्लाजा फ्री करने के साथ ही भाजपा के मंत्रियों और नेताओं, सांसदों का घेराव करने का आह्वान किया था जिसके बाद आज किसानों ने गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा का घेराव करने उनके निवास पर पहुंचे।
गौतमबुद्ध नगर के एडिशनल सीपी लव कुमार ने बताया कि हमने टोल प्वाइंट्स पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। एसीपी भी मौजूद हैं। पीएसी प्लाटून भी तैनात हैं। कहीं भी कोई परेशानी नहीं है, हमने सभी तैयारी की है कि आम लोगों को कोई परेशानी न हो। अब तक किसी भी अनहोनी कोई खबर नहीं मिली है। ट्रैफिक सामान्य चल रहा है। हम अपने ट्विटर हैंडल पर लगातार ट्रैफिक अपडेट डाल रहे हैं ताकि लोगों को कोई कंफ्यूजन न हो।
दलित प्रेरणा स्थल में सामूहिक मुंडन कराते भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के कार्यकर्ता।
सिंघु बॉर्डर पर मोदी सरकार और कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने ट्रैक्टर पर बरात निकाली। किसानों ने मुंह पर सेहरा बांध कर केंद्र सरकार का विरोध जताया।
कानपुर देहात का बारा टोल प्लाजा फ्री नहीं हो सका। वहां भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी नहीं पहुंचे। टोल पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात है।
चिल्ला बॉर्डर पर आज पुलिस का अलग रंग देखने को मिला। यहां एसीपी रजनीश वर्मा ने किसानों के साथ क्रिकेट खेला।
किसान आंदोलन में असामाजिक तत्वों के शामिल होने के इनपुट पर यूपी पुलिस ने अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। यूपी के एडीजी(लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा है कि हमने सुरक्षाबल तैनात किए हैं जो नजर रख रहे हैं कि प्रदर्शन में कोई शरारती तत्व शामिल न हो। हम वो सभी कदम उठा रहे हैं जिससे लोगों का आंदोलन प्रभावित न हो। हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी असामाजिक तत्व जो परेशानी उत्पन्न करने की कोशिश करे उससे सख्ती से निपटा जाए।
मुरादाबाद में किसानों ने टोल प्लाजा पर हंगामा किया। पुलिस ने किसानों को बमुश्किल हटाया। आज मुख्यमंत्री को मुरादाबाद में आना है और किसानों को लेकर पुलिस अतिरिक्त सख्ती बरत रही है बावजूद इसके किसान दिल्ली बरेली हाईवे पर इकरोटिया टोल प्लाजा पहुंच गए और हंगामा किया पुलिस ने उन्हें किसी तरह से हटाया।
फरीदाबाद टोल प्लाजा पर वाहन रोजमर्रा की तरह गुजर रहे हैं। टोल प्लाजा के शिफ्ट इंचार्ज अजय गौर ने कहा कि यहां पुलिस तैनात है, अगर हमें एनएचएआई की तरफ से कोई दिशा-निर्देश मिलता है तो हम उसका पालन करेंगे।
दुहाई टोल पर भी कुछ घंटो से भाकियू कार्यकर्ता बैठे हुए हैं और टोल फ्री कर दिया है जिसके बाद वहां से वाहन फर्राटा भर रहे हैं।
गढ़ में टोल प्लाजा पर करीब 2 घंटे किसानों के विभिन्न संगठनों ने धरना प्रदर्शन किया और टोल को फ्री चलाया। इसी बीच 10 मिनट के लिए टोल प्लाजा प्रबंधन द्वारा टोल को चलाया गया तो भाकियू भड़क गई और किसानों ने धरना प्रदर्शन फिर चालू रखा।
सहारनपुर-अंबाला हाईवे पर शाहजहांपुर में भी टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता पहुंचे। इन्होंने 11 बजे से टोल फ्री करा दिया गया। वाहनों को बगैर टोल वसूली के निकलवाया जा रहा है और धरना दिया जा रहा है।
मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मुजफ्फरनगर-सहारनपुर राज्य स्टेट हाईवे पर स्थित रोहाना टोल प्लाजा पर धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने आंदोलन के चलते टोल फ्री करा दिया।
किसान आंदोलन के चलते जिले की सीमा में आने वाले सभी टोल नाकों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुबह से सभी छह टोला प्लाजा पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। यातायात सुचारु रूप से जारी है। किसानों की ओर से टोल नाकों पर आंदोलन जैसे अभी कोई संकेत नहीं दिए गए हैं। बावजूद, सतर्कता बरती जा रही है।
राकेश टिकैत के नेतृत्व में दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने दिल्ली की ओर मार्च निकाला है। राकेश टिकैत ने बताया कि इस मार्च के जरिए हम सरकार को संदेश देना चाहते हैं कि वो हमारी बात सुने।
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर किसानों ने टोल फ्री कर दिया है।
बारिश के बाद खुले में लगे टेंट किसानों ने खाली कर दिए, हालांकि उनका हौसला कम नहीं हुआ है। वह किसी भी परेशानी के चलते अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। बारिश से बचने के लिए किसानों ने गाजीपुर बॉर्डर पर तिरपाल लगा लिए हैं। बारिश व ठंड के बाद भी आज बड़ी संख्या में यूपी गेट पर किसान जुटे हैं।
राजस्थान में आरएलपी के नेता और नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल दिल्ली की ओर मार्च शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि हजारों किसान कोठपुतली में मिलेंगे और आगे की कार्रवाई पर चर्चा करेंगे। सरकार को एमएसपी बढ़ानी चाहिए और किसानों की बात सुननी चाहिए।
कृषि मंत्री ने ये भी कहा कि मोदी सरकार में फसलों पर एमएसपी बढ़ी है। हमारी हमेशा यही कोशिश रहती है कि मार्केट में बैलेंस बनाया जा सके। किसानों को ये आंदोलन खत्म करना चाहिए, इससे दिल्ली के नागरिक भी परेशान हैं। हम ये बिल इसलिए लाए हैं कि ओपन ट्रेड के जरिए किसानों को उसकी फसल का वाजिब दाम मिलेगा।
कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने एक निजी चैनल से बातचीत में किसान आंदोलन के बारे में कहा कि यह चिंता का विषय है। किसानों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, एमएसपी चलती रहेगी। उन्होंने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने किसानों को लिखित प्रस्ताव भेजा था लेकिन किसानों की ओर से अब तक कोई उत्तर नहीं आया है।
प्रधानमंत्री ने शनिवार को फिक्की के कार्यक्रम में कहा कि सारी दीवारें हटाई जा रही हैं और इनसे किसानों को फायदा होगा। इन कानूनों से कृषि क्षेत्र में निवेश होगा। इससे सबसे ज्यादा फायदा हमारे देश के किसान को होने वाला है। नए कृषि कानून से किसानों की आमदनी बढ़ेगी। कृषि क्षेत्र में निवेश से किसानों को बहुत ज्यादा फायदा होगा।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत से जब पूछा गया कि सरकार कह रही है कि अल्ट्रा लेफ्ट और माओवादियों ने किसानों का आंदोलन हाइजैक कर लिया है तो उन्होंने पूछा कहां हैं माओवादी? अगर सरकार को मिल रहे हैं तो हमें दे दें, हम उनसे खेतों में काम कराएंगे। उन्होंने ये भी कहा कि हमारे खुफिया तंत्र को उन्हें अब तक तो पकड़ लेना चाहिए था। अगर किसी प्रतिबंधित संस्था का कोई शख्स हमारे आसपास घूम रहा है तो उन्हें जेल में डाला जाए। हमें तो ऐसा कोई शख्स यहां नहीं दिखा, अगर हमें दिखा तो हम उसे यहां से भगा देंगे।
बारिश के बाद भी किसानों का जोश कम नहीं हुआ है। बीते 16 दिनों की तरह ही आज भी किसान अपनी दिनचर्या में लगे हुए हैं और किसी भी हालत में आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं है।
आगरा टोल प्लाजा समेत यूपी के कई टोल प्लाजा पर नियमित रूप से वाहन चल रहे हैं। आगरा के एएसपी(पश्चिम) ने बताया कि इस रेंज में पांच प्रमुख टोल प्लाजा हैं और यहां हमें किसी किसान द्वारा टोल फ्री करने की कोई सूचना नहीं है। हम प्लाजा पर भी नजर रखे हुए हैं।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र से किसानों ने आज दिल्ली की ओर कूच किया है। वह प्रदर्शनकारी किसानों से साथ आंदोलन में शामिल होने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली से निकले हैं।
फरीदाबाद में सराय टोल प्लाजा पर कैश लाइन में पर्ची लेते हो वाहन चालक, फास्टैग लाइन से गुजरते वाहन देखे जा सकते हैं क्योंकि यहां किसानों के टोल फ्री आंदोलन का असर नहीं है। यहां बड़ी संख्या में टोल प्लाजा पर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात हैं।
किसानों ने अपने आंदोलन के तहत हरियाणा के शंभु टोल प्लाज को फ्री कर दिया है जिसके बाद यहां से वाहन तेजी से आ जा रहे हैं।
हरियाणा के बस्तारा टोल प्लाजा को किसानों ने किया फ्री
हरियाणा के बस्तारा टोल प्लाजा को किसानों ने अपने आंदोलन के तहत कल रात से ही फ्री कर दिया है। इसके बाद से यहां से वाहन बिना टोल टैक्स दिए निकल रहे हैं।