विज्ञान भवन में हुई सरकार और किसान नेताओं के बीच सात घंटे से अधिक चली बातचीत एक बार फिर बेनतीजा ही खत्म हो गई। अब अगली बैठक पांच दिसंबर को होगी।
केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन देने के लिए निहंग सिख पहुंचा है। इनका कहना है कि सरकार को इस कानून को वापस ले लेना चाहिए। अगर सरकार कानून वापस नहीं लेती है तो हमारा प्रदर्शन इसी तरह जारी रहेगा। हम भी किसान हैं।
सिंघु बॉर्डर से बस सेवाएं पूरी तरह दिल्ली के लिए बंद कर दी गई हैं। सैकड़ों लोग पैदल चल रहे हैं।
गाजियाबाद से दिल्ली आने वाला रास्ता बंद किया गया, कुछ समय पहले किसान आंशिक तौर पर रास्ता खोलने को तैयार हो गए थे।
किसान एनएच-24 के गाजीपुर बॉर्डर को घेरकर बैठे हैं जिसके चलते यूपी से दिल्ली जाने वाले रास्ते कोे पुलिस ने एहतियात के तौर पर बंद कर दिया है।
एनएच 24 पर यूपी से दिल्ली की ओर जाने वाला रास्ता गाजीपुर बॉर्डर पर बंद कर दिया गया है। इसी तरह नोएडा से दिल्ली जाने वाला चिल्ला बॉर्डर का रास्ता भी बंद कर दिया गया है।
किसानों के आंदोलन के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि, 'मैंने तय किया है कि जितनी पैदावार किसान की यहां होगी उतनी खरीद ली जाएगी। लेकिन अगर बाहर से कोई आया, अगल-बगल के राज्यों से बेचने या बेचने का प्रयास भी किया तो उसका ट्रक राजसात करवाकर उसे जेल भिजवा दिया जाएगा।
भाकियू (भानु) किसान प्रतिनिधिमंडल और कृषि मंत्री के बीच वार्ता विफल हो गई, जिसके बाद किसानों ने चिल्ला बॉर्डर से हटने से इनकार कर दिया है। थोड़ी देर में किसान करेंगे चिल्ला बॉर्डर पर प्रेस वार्ता।
किसान नेताओं और सरकार के बीच चल रही बैठक में करीब 3.00 बजे एक लंच ब्रेक हुआ है। सरकार ने किसानों को खाना ऑफर किया था, लेकिन किसानों ने अपना बना हुआ खाना बाहर से मंगाया। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार अब तक करीब तीन घंटे की बैठक में किसानों ने अपनी मांगों और नए कानून को लेकर उनकी आशंकाओं को बिंदुवार ढंग से रखा है। किसानों ने सरकार के सामने एमएसपी को लेकर नया कानून बनाने की भी मांग रखी है।
पंजाब सरकार ने केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध के दौरान मारे गए दो किसानों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराने की गुरुवार को घोषणा की। मानसा जिले के बछोआना गांव के निवासी गुरजंत सिंह (60) की विरोध के दौरान दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर मौत हो गई थी और मोगा जिले के भिंडर खुर्द गांव के निवासी गुरबचन सिंह (80) की बुधवार को मोगा में प्रदर्शन के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
बागपत की तरफ से लोनी होते हुए दिल्ली जा रहे किसानों को लोनी मंडोला पुलिस चौकी के पास रोका गया। मंडोला गांव के किसानों ने भी बागपत की तरफ से आ रहे किसानों का समर्थन किया। किसानों ने मंडोला गांव के सामने रोड जाम करने की रणनीति बनाई थी। पुलिस द्वारा रोके जाने पर किसान सड़क पर मंडोला पुलिस चौकी के सामने बैठ गए हैं।
गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे किसानों की महापंचायत के बीच अब कांग्रेस नेता उदित राज भी वहां पहुंच चुके हैं। वो महापंचायत में शामिल किसानों को संबोधित कर रहे हैं।
गाजियाबाद से वापस गाजीपुर बॉर्डर के पास कुछ किसान आने लगे हैं। यहां दोपहर तीन बजे किसानों की महापंचायत खत्म होगी। किसान नेताओं का कहना है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो देशभर में चक्का जाम करेंगे।
यूपी गेट पर किसानों की महापंचायत को संबोधित करने के लिए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत भी अपने काफिले के साथ पहुंच चुके हैं।
एक तरफ किसानों के प्रतिनिधि मंडल और सरकार के बीत वार्ता जारी है, वहीं सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके मद्देनजर सीमा पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं।
महाराष्ट्र कांग्रेस ने किसानों के समर्थन और केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया।
यूपी गेट पर किसानों के चल रहे आंदोलन में ऑल इंडिया सफाई मजदूर कांग्रेस संगठन ने किसानों को समर्थन दिया। केंद्र सरकार से किसानों की मांगों को जल्द ना मानने पर पूरे भारत में सफाई कार्य को बंद कर आपातकालीन हड़ताल करने की चेतावनी भी दी। संगठन की तरफ से किसान यूनियन को लिखित रूप में समर्थन दिया गया।
एनएच-9 पर किसानों द्वारा जाम लगाने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने राजनगर एक्सटेंशन से गाजीपुर की तरफ आने वाले एलिवेटेड रोड को बंद कर दिया है। पुलिस द्वारा राजनगर एक्सटेंशन के ट्रैफिक को करहेड़ा द्वारा मोहन नगर और दिल्ली वजीराबाद रोड की ओर निकाला जा रहा है।
गाजीपुर फ्लाईओवर के ऊपर किसानों ने डेरा डाल लिया है। उन्होंने सड़क पर ही लंगर लगाकर, दिल्ली जाने वाले मार्ग को ठप किया।
गृहमंत्री अमित शाह से बैठक कर निकले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि इस वक्त किसानों और केंद्र के बीच में वार्ता चल रही है, ऐसे समय में मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है। मैंने अपनी बात दोबारा गृहमंत्री के सामने रखी और किसानों के मुद्दों पर गौर करने और मेरे राज्य की अर्थव्यवस्था और देश की सुरक्षा को लेकर बात की।
भारतीय किसान यूनियन भानु के 4 सदस्य प्रतिनिधि मंडल को केंद्र सरकार की वार्ता में पुलिस दिल्ली ले गई है। यह लोग अपने साथ ज्ञापन लेकर बैठक के लिए रवाना हुए हैं।
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए विज्ञान भवन के बाहर भारी संख्या में पुलिस व अर्धसैनिक बल तैनात किया गया है। विज्ञान भवन में अब तक 38 किसान संगठनों के प्रतिनिधि पहुंच चुके हैं।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के साथ बैठक से पहले कहा कि, सरकार लगातार किसानों से उनके मुद्दों पर बात कर रही है। आज चौथे दौर की बातचीत है और मुझे उम्मीद है कि इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे।
राहुल गांधी ने गुरुवार को एक बार फिर ट्वीट कर कहा कि कृषि कानूनों को पूरी तरह से वापस नहीं लिया गया तो ये किसानों के साथ धोखा होगा। उन्होंने ट्वीट किया, 'काले कृषि कानूनों को पूर्ण रूप से रद्द करने से कम कुछ भी स्वीकार करना भारत और उसके किसानों के साथ विश्वासघात होगा।'
सरकार से बातचीत के लिए किसान नेता जो सिंघु बॉर्डर से आज सुबह चले थे विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं। यहां वह अपनी मांगों को लेकर सरकार से बात करेंगे।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के रास्ते भारी तादाद में किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। आशंका है कि इससे कुछ और रास्तों पर पुलिस बैरिकेडिंग कर सकती है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के गृह जिले ग्वालियर, मध्य प्रदेश से हजारों की संख्या में किसानों ने दिल्ली की ओर कूच कर दिया है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने यूपी बॉर्डर को जाम कर दिया, जिसके बाद किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया।
किसान आंदोलन को देखते हुए दिल्ली पुलिस में सभी तरह की छुट्टिया रद्द कर दी गई हैं।
बदरपुर बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान फरीदाबाद से दिल्ली आने वाले रास्ते पर जाम लग गया है। फरीदाबाद बदरपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन को लेकर सुरक्षा के लिए खड़े हुए हरियाणा पुलिस के वाहन व उनके अंदर बैठे कुछ पुलिसकर्मी।
लोनी की सीमा में किसानों के आने की संभावना के चलते दिल्ली यूपी बॉर्डर पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
किसान आंदोलन की वजह से चिल्ला बॉर्डर बंद होने के कारण कालिंदी कुंज रूट पर आज फिर से लंबा जाम लग गया है। दिल्ली से नोएडा लेन खुली है और भारी सुरक्षा बल तैनात हैं। सुरक्षा के लिहाज से सड़कों पर जहां-तहां बैरीकेडिंग लगी है और वाहनों की गति भी धीमी है। हरियाणा से दिल्ली आने जाने के सभी रास्तों पर लंबा जाम लगा है।
किसानों ने यूपी से दिल्ली जाने वाले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को रोका। किसान सड़क के बीच में बैठकर नारेबाजी कर रहे हैं जिसकी वजह से पुलिस ने ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया है।
किसानों के दिल्ली की ओर आने की सूचना के बाद नई दिल्ली की सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया है। पिकेटों की संख्या भी बढ़ाई गई।
चिल्ला बॉर्डर का दिल्ली से नोएडा आने वाला रास्ता ट्रैफिक के लिए खुला है। हालांकि नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता अब भी बंद है।
लोकल पुलिस ने NH-9 और NH-24 पर गाज़ियाबाद से दिल्ली आने वाला रास्ता बंद कर दिया हैI इसकी वजह ये है कि किसान एनएच-9 पर चढ़ गए हैं और इसे दोनों तरफ से जाम कर दिया है।
कुछ ही देर में किसानों और केंद्र सरकार के बीच होने वाली चौथे दौर की वार्ता से पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच बातचीत होगी। दोनों नेताओं के बीच बातचीत का मुद्दा भी तीन कृषि कानून होगा।
सरकार और किसानों की बातचीत से पहले दिल्ली-यूपी को जोड़ने वाले गाजीपुर-गाजियाबाद बॉर्डर पर किसानों का एक संगठन हवन कर रहा है। इसके साथ-साथ उनका प्रदर्शन भी जारी है।
सरकार के दोबारा बातचीत करने के लिए सिंघु बॉर्डर से किसान नेता रवाना हो चुके हैं। इस दौरान एक किसान नेता ने कहा कि बैठक में 35 किसान नेता जा रहे हैं। हम पढ़े लिखे किसान हैं। हम जानते हैं कि हमारे लिए क्या सही है। हम चाहते हैं कि इस कानून को वापस लिया जाए।
प्रदर्शन को देखते हुए गाजीपुर बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है। इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित है। एनएच पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया है।
किसानों के आंदोलन के बीच प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि भाजपा सरकार के मंत्री व नेता किसानों को देशद्रोही बोल चुके हैं, आंदोलन के पीछे अंतरराष्ट्रीय साजिश बता चुके हैं, आंदोलन करने वाले किसान नहीं लगते बोल चुके हैं, लेकिन आज बातचीत में सरकार को किसानों को सुनना होगा। किसान कानून के केंद्र में किसान होगा न कि भाजपा के अरबपति मित्र।
दिल्ली हरियाणा को जोड़ने वाले सिंघु बॉर्डर पर आज भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। किसानों और सरकार के बीच आज एक बार फिर बातचीत होने वाली है। इसी के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी, पंजाब के संयुक्त सचिव एसएस सुभ्रन ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को विभाजित करना चाहती है। जब तक पीएम मोदी सभी 507 किसान यूनियन के नेताओं के साथ बैठक नहीं करते तब तक हम सरकार द्वारा बुलाई गई किसी भी बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।
कई बॉर्डरों के अलावा सरकार द्वारा प्रदर्शन के लिए निर्धारित बुराड़ी स्थित निरंकारी समागम मैदान में भी बड़ी संख्या में किसान मौजूद हैं। आज किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से भेंट कर बातचीत करेगा।
गौतमबुद्ध द्वार के पास किसानों के प्रदर्शन के कारण नोएडा लिंक रोड पर चिल्ला बॉर्डर को आज भी यातायात के लिए बंद रखा गया है। टीकरी बॉर्डर, झरोडा बॉर्डर, झटिकरा बॉर्डर भी पूरी तरह से बंद है। बाडुसराय बॉर्डर को दोपहिया वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों की परेशानियों को देखते हुए गाजियाबाद गुरुद्वारे के कुछ कार्यकर्ता सामने आए। उन्होंने गुरुवार सुबह सभी किसानों को चाय पिलाई।