कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की आज किसान संगठनों के साथ हुई बैठक पर किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि वो नकली संगठन बनाकर ला रहे हैं, आरएसएस का अपना किसान संगठन है उनसे मीटिंग क्यों नहीं हुई? हमें कोई जल्दी नहीं है पंजाब और हरियाणा में हमारी गिनती बढ़ रही है। देश में आंदोलन फैल रहा है।
यूपी के बलिया जिले के बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन, किसानों का नहीं बल्कि राजनीतिक दलों का आंदोलन बन गया है। इसका संचालन कांग्रेस, सपा, बसपा और वामपंथी दलों के हाथ में चला गया है। इससे असली किसानों का कोई लेना देना नहीं है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि केंद्र की एजेंसियां इनकम टैक्स को लेकर हमारे आढ़ती भाईयों के घरों, दफ़्तरों पर रेड कराकर उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रही हैं। एक लोकतंत्र में इससे निदंनीय और कुछ नहीं हो सकता।
पंजाब के आढ़तियों पर आयकर विभाग की छापेमारियों को भद्दी चाल बताते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री सिंगला ने कहा कि भाजपा नेताओं को यह बात हजम नहीं हो रही कि आढ़ती भाईचारे की तरफ से किसानों को पूर्ण समर्थन दिया जा रहा है। किसानों के विरोध को कमजोर करने के लिए केंद्र सरकार के इशारे पर गैरकानूनी तरीके अपनाते हुए छापेमारियां की जा रही हैं। भाजपा नेता आढ़तियों और किसानों के पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आ रहे संबंधों को खत्म करने में सफल नहीं होंगे। उन्होंने आढ़ती भाईचारे को भरोसा दिया है कि इस मुश्किल की घड़ी में पंजाब सरकार और कांग्रेस उनके साथ डटकर खड़ी है।
पंजाब के शिक्षा मंत्री किसान दिवस के अवसर पर अपने किसानों और आढ़तियों की मांगों के समर्थन में और भाजपा की केंद्र सरकार के खेती कानूनों के विरुद्ध भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि केंद्र सरकार और इसकी लोक विरोधी नीतियों के विरुद्ध एकजुटता के साथ खड़े हों। सिंगला ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और इसके साथ जुड़े वर्गों में आपसी फूट डालने की भद्दी चालें चल रही हैं लेकिन किसानों का विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। यह विरोध किसानों के बनते हक मिलने के बाद ही खत्म होगा।
कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में पंजाब के शिक्षा मंत्री भी उपवास भूख हड़ताल करेंगे। किसानों की भूख हड़ताल को शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने समर्थन दिया है। उन्होंने ट्वीट कर किसान दिवस पर किसानों के साथ भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की है। सिंगला ने कहा है कि भाजपा सरकार आढ़तियों और किसानों के पीढ़ियों के संबंधों को खत्म करने में जुटी हुई है।
कृषि मंत्री के साथ बैठक के बाद इंडियन किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राम कुमार वालिया ने कहा कि कानून ठीक हैं लेकिन जो भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं उनको दूर करने की जरूरत है, 90 फीसदी किसानों ने कानून नहीं पढ़ा है। मेरा प्रदर्शनकारियों से आग्रह है कि आंदोलन में राजनीति हावी न होने दें।
आपको बता दें कि बरेली और आसपास के किसान का जत्था मंगलवार को दिल्ली जा रहा था। पुलिस ने किसानों को मिलक में हाईवे पर एक ढाबे के पास रोक लिया। काफी देर तक बातचीत के बाद किसानों ने दिल्ली कूच करने का एलान कर दिया। पुलिस ने उनको रोकने की कोशिश की, लेकिन वो आगे बढ़ गए। इस दौरान पुलिस ने हाईवे पर रुट डायवर्ट कर दिया था। हाईवे पर एक तरफ से ट्रैफिक चल रहा था। इस दौरान मिलक से लेकर मुरादाबाद की सीमा तक पुलिस तैनात रही। जीरो प्वाइंट (मुरादाबाद की सीमा) पर भी पुलिस ने किसानों को रोकने की कोशिश की, लेकिन किसान आगे बढ़ गए। बरेली की ओर किसानों के जत्था आने की सूचना पुलिस को सोमवार की रात ही मिल गई थी। हाईवे पर पुलिस पूरी रात मुस्तैद रही। एसपी शगुन गौतम ने भी देर रात हाईवे पर चेकिंग अभियान चलाया था।
दिल्ली जाने रोकने पर सैकड़ों की संख्या में किसानों ने नेशनल हाईवे पर जोरदार प्रदर्शन किया है। प्रदर्शन के दौरान किसान उग्र हो गए और उनकी पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान कुछ किसानों ने मुरादाबाद एसएसपी प्रभाकर चौधरी की गाड़ी पर हमला बोल दिया। किसानों ने गाड़ी में तोड़फोड़ की। इसके बाद पुलिस को धक्का देते हुए दिल्ली की ओर बढ़ गए। किसानों के प्रदर्शन के चलते दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है।
किसानों के साथ धक्का-मुक्की में मुरादाबाद के एसएसपी गिर गए, जिससे उनको हल्की खरोंच आई है। बाद में रामपुर से एसपी शगुन गौतम उनको अपनी कार में बैठाकर मूंढापांडे स्थित टोल प्लाजा पर ले गए। टोल प्लाजा पर किसानों को रोकने के लिए रामपुर और मुरादाबाद की पुलिस तैनात है। मंगलवार को रामपुर से होकर बरेली, पीलीभीत और पूरनपुर के किसानों का जत्था गुजर रहा था।
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में किसान उग्र हो गए हैं। रामपुर में दिल्ली जाने से रोकने पर उग्र किसानों ने मंगलवार की शाम मुरादाबाद के एसएसपी प्रभाकर चौधरी की गाड़ी पर हमला बोल दिया। किसानों ने उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी है।
दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कुछ किसान नेता (यूपी से) कानूनों को अपना समर्थन देने के लिए आज मुझसे मिले। उन्होंने कहा कि तीन कानूनों में कोई संशोधन नहीं किया जाना चाहिए।
सिंघु बॉर्डर पर किसान नेता कुलवंत सिंह संधु ने कहा कि ब्रिटेन के पीएम 26 जनवरी को भारत आने वाले हैं। हम ब्रिटिश सांसदों को लिख रहे हैं कि वे ब्रिटेन के पीएम को भारत आने से तब तक के लिए रोक दें, जब तक कि किसानों की मांगें भारत सरकार से पूरी नहीं हो जाती।
केंद्र सरकार की बातचीत के लिए किसानों को भेजी गई चिट्ठी पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर ने कहा कि मुझे आशा है कि जल्दी उनका विचार-विमर्श पूरा होगा, वो चर्चा करेंगे और हम समाधान निकालने में सफल होंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज अनेक किसान यूनियन के पदाधिकारी आए और उनकी ये चिंता है कि सरकार बिलों में कोई संशोधन करने जा रही है। उन्होंने कहा है कि ये बिल किसानों की दृष्टि से बहुत कारगर हैं, किसानों के लिए फायदे में हैं और बिल में किसी भी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाना चाहिए।
दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की किसान संघर्ष समिति और भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के साथ कृषि भवन में बैठक चल रही है।
किसान नेता कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि आज पंजाब के 32 किसान संगठनों की बैठक हुई और उसमें ये फैसला किया गया कि केंद्र सरकार की चिट्ठी पर कल की बैठक में फैसला लिया जाएगा।
कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में पंजाब के शिक्षा मंत्री भी उपवास भूख हड़ताल करेंगे। किसानों की भूख हड़ताल को शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने समर्थन दिया है। उन्होंने ट्वीट कर किसान दिवस पर किसानों के साथ भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की है। सिंगला ने कहा है कि भाजपा सरकार आढ़तियों और किसानों के पीढ़ियों के संबंधों को खत्म करने में जुटी हुई है।
गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने दिल्ली से गाजियाबाद आने वाला रास्ता खोल दिया तो लोगों को राहत मिली है। एक यात्री ने बताया कि इस रोड के खुलने से हमें सुविधा होती है और हमारा समय भी बचता है।
किसानों ने गौतमबुद्धनगर में कृषि कानूनों के समर्थन में ट्रैक्टर रैली निकाली। एक किसान ने कहा, 'सरकार ने जो कानून पास किए हैं हम इसके समर्थन में दिल्ली जा रहे हैं। मेरी बॉर्डर पर बैठे किसानों से अपील है कि वे कानूनों को बारीकी से समझें। हमें पुलिस ने रोका है।'
गाजियाबाद के एडीएम सिटी ने किसानों को कहीं भी नहीं रोके जाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसान कमेटी ने दिल्ली की तरफ से गाजियाबाद आने वाली लेन को खोलने की घोषणा की। अब इस रास्ते पर आराम से वाहन जा रहे हैं।
दिल्ली-हरियाणा के टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में हिस्सा लेकर लौट रहे युवक की देर रात हादसे में मौत हो गई। हादसा पंजाब के बरनाला में हुआ। हादसे में लुधियाना के गांव जांगपुर निवासी 31 साल के हरमिंदर सिंह की मौत हो गई।
किसानों के प्रदर्शन के चलते चिल्ला बॉर्डर पर नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली जाने वाला रास्ता बंद है।
भारतीय मूल के कनाडाई गायक जैजी बी ने सिंघु बॉर्डर पर पहुंचकर आंदोलन कर रहे किसानों को संबोधित किया।
ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रहे किसानों को पुलिस ने महामाया फ्लाईओवर पर रोक लिया है जिससे यहां जाम लग गया है। पुलिस द्वारा रोके जाने पर धरने पर बैठे किसानों को समझाने राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर पहुंचे हैं।
जेवर से दिल्ली कूच करते समय भारतीय किसान यूनियन एकता के किसानों को पुलिस प्रशासन ने जेवर टोल प्लाजा पर रोका और समझा-बुझाकर ज्ञापन लेकर वापस लौटा दिया।
कृषि कानूनों के खिलाफ महाराष्ट्र के कई जिलों से किसान मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में जुट रहे हैं। यहां से वह मुकेश अंबानी के घर का घेराव करने के लिए निकलेंगे।
भारतीय किसान यूनियन भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह जी ने कल रामेश्वर चौधरी को एनसीआर अध्यक्ष घोषित किया है। नोएडा में स्वागत समारोह के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह जी ने संगठन विस्तार के तहत यह घोषणा की और कहा कि आज जिस प्रकार से किसान व मजदूर के साथ अन्याय हो रहा है ऐसे में एनसीआर क्षेत्र में भी भारतीय किसान यूनियन मजबूती के साथ अपनी कार्यकारिणी गठित कर लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्षरत रहेगी। साथ में राष्ट्रीय अध्यक्ष आईटी व मीडिया प्रकोष्ठ के पी सिंह ठेनुआ व अन्य भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता मौजूद रहे। आज वह 11 सदस्य क्रमिक भूख हड़ताल टीम के साथ भूख हड़ताल पर चिल्ला बॉर्डर पर भी बैठे।
दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे बंद होने से दिल्ली से यूपी और यूपी से दिल्ली जाने वाले तमाम रास्तों पर लंबा जाम लग गया है। जानकारी के अनुसार भोपरा बॉर्डर, ज्ञानी बॉर्डर, महाराजपुर बॉर्डर, कौशांबी, वैशाली और लिंक रोड आदि सभी रास्तों पर लंबा जाम लगा हुआ है। लोगों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने में घंटों लग रहे हैं।
महामाया फ्लाईओवर पर ग्रेटर नोएडा से आ रहे किसानों को रोकने के लिए फोर्स तैनात की गई है। बता दें कि जब से किसान आंदोलन चल रहा है, कई राज्यों के किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं लेकिन इनमें से कई को सुरक्षाबल रास्ते में ही रोककर वापस भेज देते हैं या फिर उन्हें हिरासत में ले लिया जाता है।
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने बताया कि, हम किसी के लिए असुविधा खड़ी नहीं कर रहे। कल गाजीपुर बॉर्डर पर किसान कुछ मिनटों के लिए यात्रियों से बात कर रहे थे और कोई सड़क बंद नहीं की थी। किसानों ने लोगों से कहा कि उन्हें अपने घर में भी किसानों के मुद्दों को लेकर बात करनी चाहिए।
किसानों के चलते गाजीपुर बॉर्डर पूरी तरह से बंद होने के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस रूट को निजामुद्दीन खट्ठा, अक्षरधाम और गाजीपुर चौकी की ओर डायवर्ट कर दिया है जो आनंद विहार, अप्सरा, भोपरा और डीएनडी की ओर जाएगा।
आप विधायक राघव चड्ढा ने आज किसान आंदोलन को लेकर कहा कि, मोदी सरकार किसानों के साथ अहम के टकराव में दिखाई दे रही है। भारतीय किसानों की मांग जायज है। सरकार को अपना घमंड छोड़कर किसानों की सभी मांगें मान लेनी चाहिए। अभी तो कोई रास्ता निकलता नहीं दिख रहा। सरकार को तीनों काले कानूनों को तुरंत वापस लेना चाहिए।
रामपुर में किसानों को रोके जाने से गुस्साए किसानों ने मंगलवार को फिर से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सभी 14 लेन जाम कर दी हैं। दिल्ली से आने वाले वाहनों को डायवर्ट कर अन्य बॉर्डर से भेजा जा रहा है। कौशांबी समेत अन्य बॉर्डरों पर जाम लगा हुआ है।
सिंघु बॉर्डर पर किसान कड़ाके की ठंड में अलाव जलाकर सर्दी कम करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां उनके आंदोलन का आज 27वां दिन है।
गाजीपुर में यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर दिन निकलते ही किसानों ने एक बार फिर से राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह से जाम कर दिया। दिल्ली से गाजियाबाद आने वाली लाइन पर भी किसान बैठ गए हैं। किसानों ने इसी तरह सोमवार की दोपहर में भी तरह दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पूरी तरह जाम कर दिया था।
गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन में हिस्सा ले रहे लोगों ने एक वैन में सोमवार को ब्लड कैंप आयोजित कर रक्तदान किया। एक रक्तदाता ने बताया, 'हमने सोचा क्यूं न हम अपना रक्त दान करें जो किसानों और जवानों के काम आ सके। देश में किसी को भी खून की जरूरत हो उन्हें भी हमारा रक्त मिले।'
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान अभी भी डटे हुए हैं। इनकी दिनचर्या रोजाना अखबार पढ़ने से शुरू होती है और फिर चाय-नाश्ता से आगे बढ़ती है।