ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन में हिस्सा ले रहे लोगों ने एक वैन में ब्लड कैंप आयोजित कर रक्तदान किया। एक रक्तदाता ने बताया, "हमने सोचा क्यूं न हम अपना रक्त दान करें जो किसानों और जवानों के काम आ सके। देश में किसी को भी खून की जरूरत हो उन्हें भी हमारा रक्त मिले।"
बरेली में सोमवार शाम को करीब साढ़े सात बजे 25 ट्रैक्टर ट्रालियों से 700 किसानों का जत्था फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पर पहुंच गया। भाकियू नेताओं के नेतृत्व में किसानों ने आड़ी तिरछी ट्रालियां लगाकर टोल के रास्ते जाम कर दिए। सूचना पर पुलिस के हाथ पैर फूल गए। नवाबगंज में किसानों को मनाकर लौट रहे डीआईजी व एसएसपी पहुंचे और किसानों को समझाने की कोशिश की पर वह नहीं माने। मजबूरी में अधिकारियों को टोल फ्री कराकर कई वाहन आगे बढ़वाने पड़े। कुछ किसानों को अधिकारियों ने मनाकर वापस भेज दिया। एडीजी ने मुरादाबाद के अधिकारियों को इस बारे में अवगत करा दिया है। किसानों को आगे रोकने की तैयारी है।
शनिवार को जत्थे समेत लौट आए। रविवार को किसान निरंजन सिंह, पंच दिलबाग सिंह के अलावा मुखत्यार सिंह के साथ कार में सवार होकर दोबारा दिल्ली धरने के लिए गए थे। रविवार की रात करनाल में गुजारी। सोमवार सुबह छह बजे दिल्ली के कुंडली बार्डर पर चल रहे धरने में पहुंच गए। सुबह आठ बजे श्री जपुजी साहिब जी का पाठ हुआ। इसके बाद किसानों को भूख हड़ताल पर बैठना था।
तरनतारन के खडूर साहिब के गांव भट्ठल भाईके निवासी 77 वर्षीय बुजुर्ग किसान निरंजन सिंह ने सोमवार को सोनीपत के कुंडली बार्डर पर चल रहे धरने के दौरान जहरीला पदार्थ निगल लिया। जहर निगलने से पहले किसान ने श्री जपुजी साहिब जी का पाठ सुना। किसान को पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल कराया गया है।
कृषि कानूनों के खिलाफ 20 दिन से दिल्ली आंदोलन में शामिल रहे भवानीगढ़ के नजदीक के गांव बालदकलां के किसान हाकम सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। भाकियू डकौंदा ब्लॉक भवानीगढ़ के महासचिव सुखदेव सिंह बालदकलां और भाकियू सिद्धूपुर के नेता गुरबख्शीश सिंह बालदकलां ने बताया कि किसान हाकम सिंह पहले 35-40 दिन संयुक्त किसान मोर्चा के संगरूर रेलवे स्टेशन में लगाए गए धरने मे शामिल हो चुके थे।
गाज़ीपुर बॉर्डर के नज़दीक बिजली घर में आग लगने के बाद फायर टेंडर ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। पुलिस ने बताया कि हो सकता है किसी ने बीड़ी, सिगरेट पीकर यहां सूखी घास पर फेंक दी हो, उसी वजह से आग लग गई। आग पर काबू पा लिया गया है।
चिल्ला बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। आज किसानों ने भूख हड़ताल की। शाम में किसानों ने भूख हड़ताल समाप्त की।
महाराष्ट्र के नासिक में किसान संगठन के सदस्य केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के समर्थन के लिए दिल्ली की आ रहे हैं। एक किसान का कहना है, हम किसानों के विरोध में शामिल होने और समर्थन करने जा रहे हैं। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक ये तीन कानून निरस्त नहीं हो जाते।
23 तारीख को चौधरी चरण सिंह की जयंती पर यूपी गेट पर किसान आंदोलन में मनाया जाएगा किसान दिवस। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान दिवस पर सभी किसान एक समय का भोजन किसानों के बलिदान के नाम पर छोड़ेंगे। इस दौरान यूपी गेट पर आंदोलन में भी तमाम लंगरों में एक समय का खाना नहीं बनेगा।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सभी लाइनों को जाम करने वाले किसानों ने एक घंटे बाद हाईवे को खोल दिया है। पीलीभीत प्रशासन ने वहां पर रोकी गई करीब 35 ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ किसानों को छोड़ दिया, जिसके बाद गाजियाबाद प्रशासन ने आंदोलनरत किसानों को यह जानकारी दी। यह जानकारी मिलने के बाद किसानों ने अब हाईवे खोल दिया है।
किसान आंदोलन में शामिल गुस्साए किसानों ने दिल्ली मेरठ-एक्सप्रेसवे की सभी लाइनों को बंद करके हाईवे पर नारेबाजी शुरू कर दी है। पुलिस के तमाम बड़े अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और किसानों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। नारे लगाते हुए सैकड़ों किसान हाईवे की दूसरी लेन पर पहुंचे। दिल्ली से यूपी की ओर आने वाला यातायात भी हुआ प्रभावित। एक लेन को पहले ही किसानों ने बंद कर रखा है।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि हम उन किसान संगठनों से जाकर मिलेंगे जो केंद्र के तीनों कृषि कानूनों का समर्थन कर रहे हैं। हम उनसे जानकारी लेंगे कि इन कानूनों से कैसे लाभांवित हो रहे हैं और उनसे वो तकनीक भी सीखेंगे जिसे वह अपनी फसल बेचने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी संतोष उपाध्याय धरना देने वाले किसानों के बीच पहुंचे हैं और उन्हें प्रदर्शन खत्म करने के लिए कह रहे हैं।
गाजीपुर बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने आज किसान समर्थन रक्तदान शिविर में रक्तदान किया।
आयकर विभाग की केंद्रीय टीम के पंजाब के 10 से अधिक आढ़तियों पर छापे की कार्रवाई के बाद विपक्ष एकजुट हो गया है। सत्तासीन कांग्रेस के साथ ही शिअद, आप, बसपा और अन्य छोटे-बड़े राजनीतिक दल इसे केंद्र की दबाव की राजनीति बता रहे हैं। इस मामले में अलग थलग पड़े पंजाब के भाजपा नेतृत्व को किसानों के साथ अब आढ़तियों का भी विरोध झेलना पड़ेगा।
चिल्ला बॉर्डर पर बैठे किसानों के आंदोलन का आज 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है। चिल्ला बॉर्डर पर भी 11 किसान भूख हड़ताल बैठे हैं। रोज 11 किसान भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
किसान एकता संघ के पूर्व प्रोग्राम के तहत कृषि कानूनों को वापस लेने का ज्ञापन मजिस्ट्रेट कार्यालय पर देना था, लेकिन सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय में उपस्थित न होने के कारण किसान एकता संघ ने वहीं अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया।
तमिलनाडु से किसान संगठन के नेता भी आज गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे हैं। वह किसानों को अंग्रेजी में संबोधित कर रहे हैं। उनके साथ एक किसान भी खड़ा है, जो भाषण को हिंदी में अनुवाद करके दूसरे किसानों तक उनकी बात पहुंचा रहा है।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वी. हेम सिंह मंगलवार को मुंबई में अंबानी के घर का घेराव करेंगे। इस बीच उद्योगपति अंबानी से किसानों के समर्थन में कॉर्पोरेट को वापस बैक आउट करने की मांग करेंगे।
दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों के अलावा राजधानी के बुराड़ी के संत निरंकारी समागम ग्राउंड में भी किसानों का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को किसान संयुक्त मोर्चा के रामपाल सिंह ने बताया, 'इस संघर्ष को 3-4 महीने हो चुके हैं, पहले हमने ये संघर्ष पंजाब में लड़ा और अब दिल्ली में लड़ रहे हैं। जब तक ये कृषि कानून वापस नहीं होते हम नहीं जाएंगे।'
भाजपा के आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा है कि एक सर्वे के अनुसार मोदी सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों को भारत की बहुसंख्य जनता का समर्थन प्राप्त है और वो चाहते हैं कि किसान अपना आंदोलन खत्म कर दें।
गाजीपुर बॉर्डर पर 24 घंटे(सुबह 8:00 बजे से कल सुबह 8:00 बजे तक) की भूख हड़ताल पर बैठे ये 11 किसान नेता-
1- मेरठ से जिला अध्यक्ष उदयवीर सिंह,
2- मेरठ से जिला महासचिव वीनेश प्रधान,
3- राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मेरठ से जगबीर सिंह,
4- गाजियाबाद से प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह,
5- तराई किसान संगठन के अध्यक्ष उत्तराखंड के तजिंदर सिंह,
6- बिलासपुर निवासी मिंटू बाजवा,
7- पीलीभीत निवासी कुलदीप सिंह,
8- बरेली निवासी बलविंदर सिंह मान,
9- बागपत निवासी चौधरी धीरज पवार,
10- राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बागपत निवासी राजेंद्र सिंह राठी,
11- बागपत से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य चौधरी नरेंद्र पवार
पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि, मोदी सरकार कृषि के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को लाने के लिए ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट फॉर एग्रीकल्चर (एनईजीपीए) परियोजना लाई है। भारत सरकार के इन सब प्रयासों के पीछे किसानों की भलाई और कृषि क्षेत्र की भलाई है।
कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान अभी भी डटे हुए हैं। उनका कहना है कि मांगें पूरी न होने तक वह यहां से नहीं जाएंगे चाहे फिर कुछ भी हो।
आज इन किसान संगठनों के नेता 24 घंटे की भूख हड़ताल पर रहेंगे...
1) जय किसान आन्दोलन की रविंदरपाल कौर गिल
2) भारतीय किसान यूनियन एकता (सिद्धपुर) के अध्यक्ष जगजीत सिंह दलेवाल
3) कुलदीप सिंह दयाला, वित्त सचिव, दोआबा किसान यूनियन पंजाब
3) भारतीय किसान यूनियन पंजाब के अध्यक्ष फुरमान सिंह संधू
4) बूटा सिंह चक्र, राज्य नेता, पंजाब किसान यूनियन
5) डेमोक्रेटिक किसान सभा पंजाब के अध्यक्ष डॉ। सतनाम सिंह अजनाला
६) क्रांतिकारी किसान यूनियन पंजाब के नेता अवतार सिंह कौरजीवाला
7) कीर्ति किसान यूनियन के भूपिंदर सिंह लोंगोवाल
8) दोआबा किसान समिति के अध्यक्ष जंगबीर सिंह चौहान
9) दोआबा किसान संघर्ष समिति के मुकेश चंद्र
10 कुल हिंद किसान सभा (बलनवाल) के बलजीत सिंह
11) लोक इंसाफ वेलफेयर के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा