अमित शाह की बॉर्डर पर बैठकर प्रदर्शन कर रहे किसानों से बुराड़ी शिफ्ट होने की अपील से प्रदर्शनकारी नाखुश हैं। उनका कहना है कि गृहमंत्री की यह शर्त ठीक नहीं है। हम अपने आंदोलन को लेकर कल फैसला करेंगे।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत सरकार किसानों से बात करने के लिए तैयार है लेकिन इसके लिए शर्त ये है कि किसान शांतिपूर्ण ढंग से बुराड़ी में प्रदर्शन करें। उनका कहना है कि जिस दिन आप बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में शिफ्ट होंगे उसके अगले ही दिन सरकार आपसे बात करेगी।
बाहरी उत्तरी जिला के डीसीपी गौरव शर्मा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत पहले ही दे दी गई है। दिल्ली पुलिस पूरी तरह से तैयार है बुराड़ी में प्रदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए। हम प्रदर्शनकारियों से जिम्मेदाराना रवैया अपनाने की गुजारिश करते हैं।
यमुना एक्सप्रेस वे के रास्ते दिल्ली कूच के लिए निकले भारतीय किसान यूनियन भानू के किसान।
टीकरी बॉर्डर पर करीब 4 बजे किसानों के लिए खाना लेकर पहुंचे मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा मनोहर लाल खट्टर ने जो भी बयान दिया है वह गलत है। गुरुद्वारा बंगला साहिब की तरफ से वह किसानों के लिए खाना लेकर आए थे, लेकिन पुलिस ने किसानों को खाना देने के लिए बैरीकेड हटाने से मना कर दिया।
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कहा कि किसान आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्व घुस चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे पास रिपोर्ट है लेकिन इसका खुलासा अभी करना ठीक नहीं है। जैसे ही कोई पुख्ता प्रमाण मिलेगा तो जरूर बताया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन की कई आॉडियो-वीडियो भी वायरल हुए हैं। जिसमें वह कह रहे हैं कि 'जब इंदिरा गांधी को ये कर सकते हैं तो मोदी को क्यों नहीं कर सकते हैं।'
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि किसान आंदोलन को पंजाब के किसानों ने खड़ा किया है, इस आंदोलन को किसानों की बजाए राजनीतिक दलों और संस्थाओं ने प्रायोजित किया है। हरियाणा के किसानों ने आंदोलन में भागीदारी नहीं की है।
उन्होंने कहा कि मैं राजनीतिक दल के लोगों को कहना चाहता हूं कि अगर उनको राजनीति करनी है तो अपने नाम पर राजनीति करें, लेकिन किसानों के नाम पर सियासत नहीं होनी चाहिए।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार किसानों की समस्याओं के लिए किसान यूनियन से बात करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमने उनको तीन दिसंबर का आमंत्रण भेजा है और मुझे आशा है कि वो सब लोग आएंगे और इस संवाद के माध्यम से रास्ता ढूढेंगे।
उत्तर प्रदेश महिला कॉग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा अटल पाल ने कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार को किसानों व महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध को रोकने की चेतावनी दी।
लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस कर अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों के साथ इस तरह का बर्ताव भाजपा को छोड़कर किसी भी पार्टी ने कभी नहीं किया। ये वही लोग हैं जिन्होंने किसानों से कहा था कि वे न केवल ऋण माफ करेंगे बल्कि ऐसी नीतियां लाएंगे जो किसानों की आय दोगुनी करेंगी।
किसानों के आंदोलन के बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बयान दिया है। उनका कहना है कि अगर किसान दिल्ली आना चाहते हैं तो उन्हें आने दीजिए।
सिंघु बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने गुस्से में बॉर्डर पर ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका।
आंदोलनरत किसानों के साथ अब कांग्रेस खुलकर खड़ी हो गई है। दिल्ली कूच के दौरान जीटी रोड पर कांग्रेस विधायकों व शीर्ष नेताओं ने किसानों को अपना पूरा समर्थन देते हुए तन-मन-धन से साथ निभाने का वादा किया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोनीपत के विधायक सुरेंद्र पंवार के जरिए किसान नेता व भाकियू अध्यक्ष गुरनाम चढूनी व किसानों को अपना संदेश भेजा। हुड्डा ने फिर तीन कृषि कानूनों के बारे में बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनते ही तीनों कृषि कानूनों को खारिज किया जाएगा। एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी देंगे और किसानों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। हम मांगों का समर्थन करते हैं।
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दों पर समाधान निकालने में विफल रही है। अब हम दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं।
बड़ी संख्या में अब किसान यूपी गेट भी पहुंचने लगे हैं। उनके पहुंचने की सूचना पर डीएम और एसएसपी भी पुलिस बल के साथ यूपी गेट पहुंच रहे हैं।
इससे पहले शुक्रवार को भी आंदोलन ज्यादा बढ़ने से केजीपी व केएमपी पर भी ट्रकों के पहिये थम गए थे। उससे राजस्थान व अन्य प्रदेशों का संपर्क भी रुक गया था। ऐसे में करीब तीन हजार ट्रक नेशनल हाईवे 44, केजीपी, केएमपी व अन्य मार्गों पर खड़े रहे थे।
किसान आंदोलन के कारण नेशनल हाईवे 44 पूरी तरह से जाम है। वहीं किसानों के प्रदर्शन के कारण केजीपी, केएमपी एक्सप्रेस वे समेत अन्य मार्ग भी जाम हो गए। इससे इन सभी जगहों पर करीब तीन हजार ट्रक जाम में फंस गए और उनकी लंबी लाइन लग गई। इससे दिल्ली समेत कई राज्यों में फल, सब्जी व अन्य जरूरी सामान की सप्लाई बाधित हो गई है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब और हरियाणा से हजारों किसान इस आंदोलन में हिस्सा लेने के लिए यहां आए हैं। हम यहां से लौटकर अपने घर नहीं जाएंगे। हम यहीं डटे रहेंगे और अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे।
सिंघु बॉर्डर पर किसानों की बैठक के बाद एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम दिल्ली से पंजाब जाने वाले मुख्य रास्ते पर ही प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि हम यहीं बैठकर प्रदर्शन करेंगे। हम सिंघु बॉर्डर से नहीं हटेंगे और यहीं अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर इकट्ठा हुए किसानों ने बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में जाकर विरोध प्रदर्शन करने से इनकार कर दिया है। वहीं दिल्ली पुलिस लगातार किसान नेताओं के संपर्क में है। उन्हें समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही है।
दिल्ली-हरियाणा को जोड़ने वाले सिंघु बॉर्डर पर किसानों की बैठक जारी है। इस बैठक में किसान इसपर चर्चा कर रहे हैं कि उन्हें आगे का प्रदर्शन सीमा पर ही जारी रखना है कि बुराड़ी के समागम ग्राउंड में प्रदर्शन करना है।
पंजाब के फतेहगढ़ साहीब से भी बड़ी संख्या में किसान दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसान नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।
प्रदर्शन करने के लिए बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में अनुमति मिलने के बावजूद किसान बड़ी संख्या में टिकरी बॉर्डर के पास इकट्ठे हो गए हैं। इस कारण से सीमा पर भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है।
सिंघु बॉर्डर पर डटे हुए हैं किसान
बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में विरोध प्रदर्शन करने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा अनुमति देने के बावजूद प्रदर्शनकारी किसान अभी भी सिंघु बॉर्डर पर डटे हुए हैं। उनमें से एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम सड़कों पर ही रहेंगे।