जगजीत सिंह ढल्लेवाला ने सभी किसान समर्थकों से 27 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात के दौरान थाली बजाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि जबतक प्रधानमंत्री का संबोधन होगा तबतक थाली बजाते रहें।
भारतीय किसान यूनियन के नेता जगजीत सिंह ढल्लेवाला ने बताया कि किसान आंदोलन के समर्थन में हमने हरियाणा के सभी टोल प्लाजा को फ्री करने का निर्णय लिया है। 25 से 27 दिसंबर तक टोल प्लाजा को फ्री किया जाएगा।
दक्षिण दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी ने भी अपने क्षेत्र में कानून के समर्थन में पदयात्रा निकाली। उन्होंने बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ 9 किलोमीटर लंबी किसान कानून कल्याण समर्थन यात्रा निकाली। यह यात्रा जैतपुर, बदरपुर, मीठापुर और मोलबांद से होते हुए गुजरी।
हंसराज हंस अपने क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पहुंचे। इसमें नरेला, बवाना और मुंडका शामिल हैं। इस दौरान हंस किसानों के साथ बैठक कर रहे हैं और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर द्वारा हाल ही में किसानों को संबोधित करते हुए जारी की गई चिट्ठी भी बांट रहे हैं।
भाजपा सांसद हंसराज हंस अपने संसदीय क्षेत्र उत्तर पश्चिमी दिल्ली में हरियाणा की सीमा से सटे गांवों में लोगों के बीच पहुंचे हैं ताकि उन्हें केंद्र के तीन कृषि कानूनों से मिलने वाले लाभों के बारे में बताया जा सके।
बुराड़ी के निरंकारी समागम मैदान में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने भी उन किसानों को याद करते हुए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जिनकी आंदोलन के दौरान मौत हो गई। इस दौरान एक किसान ने कहा कि इस आंदोलन में जान गंवाने वाले अन्नदाताओं को आज पूरा देश याद कर रहा है।
यातायात पुलिस ने जानकारी दी है कि सिंघू, औचंदी, पियाउ मनियारी, सभोली और मंगेश बॉर्डर बंद है। लम्पुर, सफियाबाद और सिंघू स्कूल टोल टैक्स बॉर्डर का उपयोग करें। यातायात को मुकर्बा और जीटीके रोड से मोड़ दिया गया है।
दिल्ली यातायात पुलिस के अनुसार नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आने के लिए गाजीपुर सीमा बंद है। यातायात पुलिस ने कहा कि दिल्ली आने वाले लोग आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा और भोपुरा बॉर्डर का वैकल्पिक मार्ग अपना सकते हैं। दिल्ली और नोएडा के बीच चिल्ला बॉर्डर केवल एक तरफ से खुला है और नोएडा से दिल्ली आने का रास्ता बंद है।
दिल्ली यातायात पुलिस ने रविवार को ट्विटर के जरिए बताया कि टिकरी और धंसा बॉर्डर यातायात के लिए बंद है और झटिकारा बॉर्डर केवल दोपहिया वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए खुला है। पुलिस ने कहा कि हरियाणा जाने वाले लोगों के लिए झड़ोदा, दौराला, कापसहेड़ा, बदूसराय, रजोकरी एनएच 8, बिजवासन/बजघेड़ा, पालम विहार और डूंडाहेड़ा बॉर्डर खुले हैं।
सिंघु बॉर्डर पर भी दिवंगत किसानों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कई किसान नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को याद किया।
किसान आंदोलन शुरू हुए चार सप्ताह हो चुके हैं और इसके कारण सीमा पर कई बिंदुओं पर यातायात का मार्ग परिवर्तित किया गया है जिसकी वजह से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। किसान आंदोलन जब से शुरू हुआ है तब से ही दिल्ली यातायात पुलिस लगातार ट्वीट कर सड़के बंद होने और वैकल्पिक मार्गों से जुड़ी जानकारी यात्रियों को दे रही है।
हापुड़ के सिंभावली में स्थित भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कैंप कार्यालय सिंभावली में भी किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। इसमें कई किसान नेता शामिल हुए।
किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पर बनाए गए मंच पर रविवार को श्रद्धांजलि दी गई।
दिल्ली शीत लहर की चपेट में है, इसके बावजूद केंद्र के कृषि कानूनों का दिल्ली की सीमाओं पर विरोध कर रहे किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। शहर में रविवार को पारा 3.4 डिग्री सेल्सियत तक गिर गया जो इस मौसम में अब तक का सबसे न्यूनतम तापमान है।
किसान आंदोलन की आग अब विदेश तक भी फैल रही है। अमेरिका के दो सिख एनजीओ ने टीकरी बॉर्डर पर आंदेलनरत किसानों को टॉयलेट, गीजर और टेंट डोनेट करने का फैसला लिया है। एनजीओ के होशियारपुर कॉरडिनेटर एसपी सिंह खालसा ने कहा कि प्रदर्शन स्थल पर मूलभूत सुविधाओं की कमी को देखते हुए हमने किसानों को 200 पोर्टेबल टॉयलेट और गीजर देने का फैसला किया है।
कृषि कानूनों के खिलाफ चिल्ला बाॅर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बाॅर्डर पर सुरक्षा बल तैनात है।
एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि किसान आंदोलन को आज 25 दिन हो गए हैं, किसी भी प्रकार से सरकार कोई रास्ता नहीं निकाल रही है। जिनके लिए कानून बनाए गए हैं अगर वो ही मानने को तैयार नहीं हैं तो सरकार कानून वापस ले। ईगो बनाकर कानून लोगों पर थोपे रहना और आंदोलन बढ़ाने का रवैया लोकतंत्र में ठीक नहीं है।
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शनकारी दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर डटे हुए हैं, प्रदर्शनकारी किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि कानून खत्म कर दिए जाएं तो हम दो घंटे में चले जाएंगे।
पंजाब के कई अस्पतालों का मेडिकल स्टाफ दिल्ली-हरियाणा सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों की मदद के लिए पहुंचे हैं। लुधियाना से आईं नर्स हर्षदीप कौर ने बताया कि वे प्रदर्शनकारी किसानों के समर्थन के लिए आए हैं, कोई भी बीमार पड़ता है तो उसकी मदद की जाएगी।
कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के लिए पंजाब से हजारों और किसानों ने दिल्ली कूच किया है। वहीं, किसान आंदोलन के बीच हरियाणा में शनिवार को एसवाईएल के मुद्दे ने खासा जोर पकड़ा। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे को खूब उछाला और जिलों में सामूहिक उपवास भी किए। किसानों ने भाजपा कार्यकर्ताओं के सामूहिक उपवास का विरोध भी किया और इसी दौरान फतेहाबाद में भाजपा जिलाध्यक्ष की पगड़ी भी उछाली गई जिससे टकराव की स्थिति पैदा हो गई।
यूपी गेट पर शनिवार शाम किसान संगठनों ने प्रेस वार्ता के दौरान यूपी सरकार को किसानों का उत्पीड़न बंद करने को कहा। चेतावनी दी कि यदि किसानों को रोका गया और उनके परिवारों पर किसी तरह का दबाव बनाया गया तो दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की सभी 14 लेन बंद कर दी जाएंगी। राकेश टिकैत व अन्य किसानों के साथ संयुक्त वार्ता में किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन आंदोलन में आने वाले किसानों को जगह-जगह रोक रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया जा रहा है।
किसान नेता राकेश टिकैत और वीएम सिंह ने यूपी और उत्तराखंड में हो रहे किसानों के उत्पीड़न बंद करने के लिए आज 11 बजे मेरठ कमिश्नर और प्रशासनिक अधिकारियों को वार्ता करने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने इस वार्ता के विफल होने पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को बंद करने की चेतावनी दी है।
तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर डटे किसानों का आंदोलन 25वें दिन भी जारी है। कड़ाके की ठंड में भी किसानों ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज बुलंद की हुई है। आज आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को याद किया जाएगा। आज देश के सभी जिलों, तहसील व गांवों में श्रद्धांजलि सभाएं होंगी।