गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में सोमवार को नतमस्तक होने पहुंचे शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल को किसानों के जबरदस्त आक्रोश का सामना करना पड़ा। किसानों ने सुखबीर बादल की गाड़ी का घेराव कर नारेबाजी की। इस पर पुलिस उन्हें दूसरे रास्ते से ले गई। इसके बाद किसानों को समझाने पहुंचे अकाली नेताओं से धक्कामुक्की की गई। इस दौरान अकाली दल के जिला प्रधान जगदीप सिंह चीमा की पगड़ी उतर गई। इसके बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया जिसमें अकाली दल के तीन सदस्य जख्मी हो गए।
केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि UPA सरकार में पूरे देश का कृषि बजट सिर्फ़ 15,000 करोड़ रुपये था, नरेंद्र मोदी सरकार में कृषि बजट बढ़ाकर 1,35,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। लेकिन कुछ लोगों द्वारा अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए किसानों को भ्रमित किया जा रहा है।
मोगा के गांव अजीत सिंह में रविवार शाम कुछ किसानों ने जियो के टावर का कनेक्शन काट दिया था। इसके बाद वहां रखा जेनरेटर भी उखाड़ दिया। सूचना मिलते ही थाना सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और चार किसानों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की भनक लगते ही किसान नेताओं ने थाने का घेराव कर लिया। एक घंटे बाद पुलिस ने चारों को छोड़ दिया।
जालंधर के लम्मा पिंड रोड पर भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों किसानों ने इकट्ठा होकर जियो के चार टावरों की बिजली काट दी। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी लेकिन उन्होंने टावर बंद करवा रहे किसानों को नहीं रोका। इस दौरान किसानों ने केंद्र के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने लम्मा पिंड रोड और आसपास लगे कई टावरों के मालिकों को इन्हें बंद करवाने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कंपनियों को चेतावनी दी कि इन्हें दोबारा चालू करवाया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
टावर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (टीएआईपीए) के अनुसार टावरों के कनेक्शन बाधित होने से पंजाब के अधिकांश जिलों में 12000 स्क्वायर किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में दूर संचार सेवा बाधित हुई है। किसान लगातार टावरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सोमवार को किसानों ने 1600 मोबाइल टावरों को संचालित करने में उपयोग होने वाली तार को जला दिया।
सोमवार को भी किसानों ने जालंधर सहित राज्य के अन्य शहरों में स्थापित जियो के 90 मोबाइल टावरों को निशाना बनाया। सोमवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब पुलिस को टावरों को क्षतिग्रस्त करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब में किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आक्रोशित किसानों ने 24 घंटों के भीतर जियो के 90 मोबाइल टावरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। इससे हजारों मोबाइल फोन ठप हो गए हैं। पिछले दो दिनों में पंजाब में किसानों ने 1500 जियो के मोबाइल टावरों को क्षतिग्रस्त किया है।
एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने कहा कि पंजाब-हरियाणा और देश के अन्य हिस्सों के हजारों किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर एक महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वह इन तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं, जिन्हें सत्तारूढ़ भाजपा किसानों के हित में बता रही है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी दिल्ली सीमा पर किसानों के विभिन्न धरनास्थलों पर लंगर और अन्य सेवाएं प्रदान कर रही है। यह जानकारी एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने दी। उन्होंने बताया कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन में एसजीपीसी हरियाणा के गुरुद्वारों से लंगर की व्यवस्था कर रही है। इसके अलावा आवास, चिकित्सा सहायता और शौचालय की भी व्यवस्था की गई है। एसजीपीसी के सदस्य समय-समय पर दिल्ली सीमा पर इन सेवाओं का निरीक्षण भी करते हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि दुख इस बात का है कि UPA के समय मनमोहन सिंह जी, शरद पवार जी भी चाहते थे यह क़ानून (कृषि क़ानून) बन जाए। लेकिन दबाव और प्रभाव का सामना नहीं कर पाए, इस कारण वे यह क़ानून बनाने का यश प्राप्त नहीं कर पाए।
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि एक समय था हमारे पास गेंहू, धान, तिलहन का अभाव था। देश की आबादी बढ़ रही थी लेकिन हम अभाव से जूझ रहे थे। उस समय की सरकार, किसान संगठनों और वैज्ञानिकों ने प्रयास किया कि हमें देश में उत्पादन बढ़ाना चाहिए। अब हम उत्पादन में सरप्लस की स्थिति में है।
आईसीएआर पूसा संस्थान में बोलते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार द्वारा तीन कृषि कानूनों के सर्मथन में अनेक किसान संगठनों ने यहां पर कार्यक्रम कर जो समर्थन व्यक्त किया है मैं उसके लिए भारत सरकार की तरफ से आप सब का दिल से स्वागत करता हूं।
पंजाब के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले अध्यापक मनोज कुमार किसान आंदोलन के समर्थन में साइकिल से 225 किलोमीटर का सफर तय कर दिल्ली के टिकरी बॉर्डर पहुंचे हैं। मनोज का कहना है कि "हम सब को इकट्ठा होना पड़ेगा, यह केवल किसानों का आंदोलन नहीं यह एक लोकहित आंदोलन बन चुका है।"
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि 30 दिसंबर को सरकार और किसानों की मीटिंग में क्या होता है वह हम देखेंगे। कोई रास्ता निकला तो खुशी होगी, नहीं निकला तो हमें बैठना होगा और सोचना होगा।
किसान संगठनों के लिखित प्रस्ताव के जवाब में केंद्र सरकार ने लिखित जवाब भेजा है। केंद्र सरकार ने बुधवार 30 दिसंबर को दोपहर 2:00 बजे बैठक का प्रस्ताव रखा है। इससे पहले किसान संगठनों ने मंगलवार 29 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे बैठक का प्रस्ताव रखा था। किसान संगठनों की केंद्र सरकार के नए प्रस्ताव पर बैठक जारी है।
112 बार ब्लड डोनेट कर चुके रामनिवास लोहान किसान आंदोलन को अपना समर्थन देने टिकरी बार्डर पर पहुंचे।
सरपंच प्रतिनिधि के परिवार ने किसानों के लिए 21 हजार रुपये दान किए हैं। सरपंच अमरपाल किसानों के समर्थन में टिकरी बॉर्डर आ रहे थे कि एक हादसे में उनकी जान चली गई।
टिकरी बॉर्डर पर लगातार किसानों का जमावड़ा बढ़ रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों से लेकर स्कूली बच्चे अन्नदाताओं के समर्थन में पहुंच रहे हैं।
पंजाबी गायिका रूपिंदर हांडा ने यूपी गेट पर किसान आंदोलन में पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया। रूपिंदर ने गाने गाकर किसानों में उत्साह भरा।
करीब 25 किसान संगठनों ने आज केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात की और कृषि कानूनों के समर्थन में उन्हें पत्र सौंपा।
हरियाणा के बहादुरगढ़ में किसान आंदोलन में शामिल पंजाब के वकील ने जहर खाकर जान दे दी थी। उनकी मौत की खबर से पंजाब के जलालाबाद में शोक की लहर दौड़ गई। वकील अमरजीत के घर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया।
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने किसानों के साथ होने वाली वार्ता के लिए कहा, हम आशावान हैं कि कल की बैठक में सफलता मिलेगी और हम एक समाधान तक पहुंच सकेंगे। अगर वो किसान के चश्मे से देखेंगे तो सफल परिणाम आएगा लेकिन राजनीतिक चश्मे से सफलता शायद न मिल सके। ये कानून किसान को आजादी देने वाले हैं।
बुराड़ी में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने निरंकारी समागम मैदान का नाम बदलकर किसानपुरा रख दिया है। यहां प्रदर्शन कर रहे एक किसान का कहना है कि हम 33 दिन से यहां प्रदर्शन कर रहे हैं, यह हमारे गांव की तरह हो गया है इसलिए हमने इसका नाम किसानपुरा रख दिया।
सिंघु बॉर्डर पर किसान मॉल के नाम से कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारी किसानों के लिए दुकान खोली है। यहां पर किसानों को हर तरह का सामान फ्री में दिया जा रहा है। जिस संस्था ने इसे शुरू किया है उनका कहना है कि यहां व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनके वालेंटियर किसानों के बीच जाकर एक दिन पहले उन्हें टोकन बांटते हैं। फिर वही किसान टोकन लेकर अगले दिन सामान खरीदने आते हैं। इससे किसी बाहरी का इस मॉल में प्रवेेश संभव नहीं हो पाता।
चिल्ला बॉर्डर पर किसानों ने आज सूर्य प्रणाम और योगाभ्यास के साथ ही गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की परेड के लिए रिहर्सल की।
किसान आंदोलन के 33वें दिन यूपी गेट पर किसानों ने कृषि कानूनाें के विरोध में शवयात्रा निकालकर गुस्सा जाहिर किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों से उनके द्वारा बनाया गया सांकेतिक शव छीन लिया। इस दौरान किसान और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।
दिल्ली में कृषि कानूनों के खिलाफ किसान प्रदर्शनकारी बुराड़ी के निरंकारी समागम ग्राउंड में डटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे कुछ भी कर ले लेकिन जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं तब तक हम आंदोलन खत्म नहीं करेंगे।
किसान आंदोलन का 33वां दिन
दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के आंदोलन का आज 33वां दिन है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी किसानों का हौंसला नहीं डिगा है। कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के दौरान थाली बजाने वाले किसानों का कहना है कि हम अपना आंदोलन तब तक नहीं खत्म करेंगे जब तक तीनों कानूनों को निरस्त नहीं किया जाता और एमएसपी की कानूनी गारंटी नहीं दी जाती।