सिंघु बॉर्डर पर पिछले शुक्रवार को किसानों और पुलिस टीम के बीच झड़प को लेकर दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में 27 नवंबर को अलीपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 186, 353, 332, 323, 147, 148, 149, 279, 337, 188, 269 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की है।
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि गृहमंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि किसान संगठन के लोग सरकार से बातचीत करें। क्या इसमें (नए कृषि कानूनों) कोई सुधार हो सकता है, इस संबंध में सरकार निर्णय ले सकती है। 3 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सभी संगठनों को बुलाया है।
नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में एक और हरियाणा सरकार समर्थक विधायक ने चेयरमैन पद छोड़ दिया। दादरी के निर्दलीय विधायक सोमबीर सांगवान ने हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन पद से सोमवार दोपहर बाद इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि मैंने किसान आंदोलन के समर्थन में हरियाणा पशुधन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में इस्तीफा दे दिया है। खाप से जुड़े हर गांव से किसान मंगलवार सुबह दस बजे ट्रैक्टरों में सवार होकर दिल्ली कूच करेंगे। सांगवान खाप के प्रधान एवं विधायक सोमबीर सांगवान प्रदर्शन की अगुवाई करेंगे। सोमवार को खेड़ी बूरा स्थित सांगू धाम पर हुई खाप की सर्वजातीय पंचायत में यह निर्णय लिया गया।
दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि पर्याप्त पुलिस बल मौजूद है। हम किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हमने किसानों से बुराड़ी मैदान में पहुंचने का अनुरोध किया है।
लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कृषि क्षेत्र के लिए विशेष ऋण पैकेज की मांग की है। उन्होंने लिखा कि देश में किसान इसलिए प्रदर्शन कर रहें हैं क्योंकि नए कृषि कानून के तहत किसानों के जीवन यापन पर बुरा असर पड़ रहा है और उन्हें भारी घाटा का सामना करना पड़ रहा है।
अधीर रंजन ने कहा कि लाखों किसान सड़क पर इसलिए उतरे हैं क्योंकि उन्हें अपना वैधानिक अधिकार नहीं मिल रहा है और बैंक से उन्हें उनके हक के पैसे नहीं मिल रहे हैं। इसलिए मैं पीएम मोदी से आग्रह करता हूं कि वे कृषि क्षेत्र के लिए विशेष ऋण पैकेज की घोषणा करें और किसानों को राहत दें।
Leader of Congress Party in Lok Sabha, Adhir Ranjan Chowdhury has written to PM Modi asking for special loan packages for the agriculture sector pic.twitter.com/HUMhQjcVMg
— ANI (@ANI) November 30, 2020
किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने कहा कि संविधान के अनुसार, शासन लोगों के द्वारा, लोगों के लिए, लोगों का होता है। लेकिन अब शासन कॉरपोरेट्स द्वारा, कॉरपोरेट्स के लिए और कॉरपोरेट्स का हो गया है। कॉरपोरेट्स के लिए कानून बनाए जा रहे हैं और लोगों का शोषण किया जा रहा है।
केंद्र सरकार में एनडीए का हिस्सा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने किसान आंदोलन का समर्थन किया है। आरएलपी के संयोजक और राजस्थान से सांसद हनुमान बेनीवाल ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वो एनडीए में बने रहने पर विचार करना पड़ेगा। सांसद हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा-'अमित शाह जी, देश में चल रहे किसान आंदोलन की भावना को देखते हुए हाल ही में कृषि से संबंधित लाए गए तीन बिलों को तत्काल वापस लिया जाए व स्वामीनाथन आयोग की सम्पूर्ण सिफारिशों को लागू करें व किसानों को दिल्ली में त्वरित वार्ता के लिए उनकी मंशा के अनुरूप उचित स्थान दिया जाए। इसके अलावा दूसरे ट्वीट में लिखा, चूंकि, आरएलपी एनडीए का घटक दल है लेकिन, आरएलपी की ताकत किसान व जवान हैं, इसलिए अगर इस मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो मुझे किसान हित में एनडीए का सहयोगी दल बने रहने के विषय पर पुनर्विचार करना पड़ेगा।
सिंघु बॉर्डर पर अपने बैठे भारती किसान यूनियन (दकौंडा) के महासचिव जगमोहन सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हम सभी राज्यों के किसान संगठनों के साथ बैठक नहीं कर सकते। हम केवल पंजाब के 30 संगठनों के साथ ही बैठक कर सकते हैं। हमने पीएम मोदी के सशर्त निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया है।
पांचवां झूठ- योगेंद्र यादव ने ये भी बोला कि पांचवां झूठ फैला रहे हैं कि राजनीतिक पार्टियों की तरफ से आंदोलन हो रहा है। ये गलत है। इन्हीं किसानों ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ भी मोर्चा खोला था और अब ये मोदी सरकार के खिलाफ हैं। इसलिए ये कहना कि ये किसी राजनीतिक पार्टी का आंदोलन है गलत है।
चौथा झूठ- योगेंद्र यादव ने कहा कि चौथा झूठ फैलाया गया कि इनके नेता का पता नहीं है, कौन नेतृत्व कर रहा कुछ पता ही नहीं है। कहां से आ गई ये भीड़ किसी को पता नहीं। कोई लीडरशिप नहीं है ये बात गलत है। राष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त किसान मोर्चा एक महीने पहले बना जिसकी लीडरशिप में ये आंदोलन चल रहा है, जिसमें अनेकों संगठन जुड़े हैं। लीडरशिप है, कोई ये न कहे कि अराजक आंदोलन है। देश के तमाम किसान संगठन इससे जुड़े हैं।
तीसरा झूठ- योगेंद्र यादव बोले कि तीसरा झूठ फैलाया जा रहा है कि सिर्फ पंजाब के किसानों का आंदोलन है। लेकिन ये पूरे देश का आंदोलन है। पूरे हरियाणा में पंचायतें हो रही हैं। पंजाब के किसान इस लड़ाई में अगुवा हैं लेकिन सब जुटे हुए हैं। यूपी गेट पर भी उत्तराखंड और यूपी के किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।
दूसरा झूठ- देश में दूसरा झूठ ये फैलाया जा रहा है कि बेचारे किसानों को तो कुछ पता ही नहीं है उन्हें बरगलाया जा रहा है। अब पंजाब के बच्चे-बच्चे को पता है कि कृषि कानूनों की क्या सच्चाई है।योगेंद्र यादव ने कहा कि अब इस तरह की बातें बंद होनी चाहिए।
स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने पहला झूठ बताया। उन्होंने कहा कि देश में पहला झूठ फैलाया गया है कि यह बिचौलियों का आंदोलन है किसानों का नहीं। योगेंद्र यादव ने कहा कि आप साफ देख सकते हैं जहां तक नजर जाती है यहां कितने किसान और कितने बिचौलिए हैं। यह झूठ इसलिए फैलाया जा रहा है ताकि आंदोलन को कमजोर किया जा सके।
केंद्र सरकार ने जब से कृषि से जुड़े तीन कानून पास किए हैं तब से लगातार पंजाब, हरियाणा के किसान इस कानून का विरोध कर रहे हैं। हालांकि अब यह आंदोलन और दिल्ली की सीमाओं तक पहुंच गया है और किसानों ने दिल्ली को लगभग चारों ओर से घेर रखा है। इसी के बाद से इस आंदोलन को लेकर कई बातें सोशल मीडिया पर चल रही हैं। इन्हीं को लेकर आज किसानों द्वारा बनाए गए संयुक्त मोर्चा के सदस्यों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि इस आंदोलन के बारे में जो पांच झूठ फैलाए जा रहे हैं वह किस तरह से गलत हैं। योगेंद्र यादव ने ही इन पांच झूठों का खुलासा किया।
बुराड़ी में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रोष मार्च निकाला है। उनका कहना है कि सरकार गलत बयानी कर रही है। कृषि कानूनों पर सरकार हमसे बात करे। इन कानूनों को वापस ले क्योंकि ये काला कानून किसान विरोधी है और जब तक ये वापस नहीं होगा हम प्रदर्शन करते रहेंगे।
भारतीय किसान यूनियन संगठन के किसानों के यूपी गेट पर चल रहे धरने पर लगातार समर्थन मिल रहा है। धरने में सैकड़ों लोग शामिल हो रहे हैं। धरने में शामिल होने जा रहे सरदार मंजीत सिंह ने कहा जब तक तीनों अध्यादेश वापस नहीं होते या सरकार एमएस पी प्राइस पर कानून नहीं बनाती तब तक धरना प्रदर्शन चलता रहेगा। किसान नेता पवन खटाना, हरेंद्र भाटी, सरदार गुरुचरण सिंह, सुनील प्रधान, गजेंद्र नागर, सुंदर खटाना, अनिल खटाना, संदीप खटाना, धर्मपाल स्वामी, सचिन नागर, इंदरजीत कसाना, पवन नागर आदि सैकड़ों लोग धरने प्रदर्शन में शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि हमारे वरिष्ठ नेताओं ने किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है और वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने को तैयार हैं। वार्ता हमेशा बिना पूर्व शर्त या पूर्व धारणा के आयोजित की जाती है। मुझे पूरी उम्मीद है कि उनकी सभी वास्तविक मांगों पर विचार किया जाएगा और मुद्दों को हल किया जाएगा।
3 दिसंबर तक भाकियू से जुड़े तमाम किसान यूपी गेट पर ही डटे रहेंगे, पंजाब और हरियाणा के किसानों से लगातार संपर्क बना हुआ है। मीडिया कर्मियों के बीच भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अमर उजाला की जमकर तारीफ की है।
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष यूपी गेट पर प्रदर्शनरत किसानों के लिए झोपड़ियां बनवा रहे हैं।
सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसान आज शाम शाम 4.30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा एलान करेंगे।
दिल्ली के स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस आरएस कृष्निया ने कहा कि हमने हालात के हिसाब से पुलिस बल तैनात कर दिए हैं। हम कानून और व्यवस्था बनाए रखने पर फोकस कर रहे हैं ताकि स्थिति नियंत्रित रहे।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृषि कानून के विरोध में हो रहे किसानों के आंदोलन को लेकर कहा है कि केंद्र सरकार किसानों से बात करना चाहती है। इसलिए मुझे लगता है कि बात होनी चाहिए। प्रदर्शन भ्रम की वजह से हो रहे हैं।
दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर किसान आंदोलन के चलते लंबा जाम लगा हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी इंगित प्रताप सिंह का कहना है कि, हमें कोई इनपुट नहीं मिला है कि किसान यहां आने वाले हैं। हम सिंघु और टिकरी बॉर्डर के हालात को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
कृषि कानून के विरोध में उत्तराखंड के उधम सिंह नगर से यूपी गेट पर करीब 70 से 80 सिख समाज के किसान पहुंचे हैं, वह सभी अपने साथ करीब 6 महीने का राशन भी साथ लेकर यहां आए हैं। इन सभी किसानों ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान अपने गुस्से को भी जाहिर किया।
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर स्थित बाजपुर गांव से आए किसानों ने गुरु पर्व के उपलक्ष्य पर दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर के यूपी गेट पहुंचकर प्रसाद तैयार किया और उसके बाद सड़क पर ही लंगर लगाकर लोगों को प्रसाद बांटा।
अमित शाह से मिलने के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर उनके घर से निकल चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे हैं। जानकारी मिल रही है कि इन दोनों की किसान आंदोलन पर चर्चा होगी।
टिकरी बॉर्डर पर गुरु पूर्णिमा की पूजा के बाद प्रदर्शनकारी किसानों ने सुरक्षाकर्मियों और अन्य लोगों को भी प्रसाद बांटे।
सिंघु बॉर्डर और टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर किसानों ने वहीं पर गुरु पूर्णिमा की पूजा की।
दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसानों की कोविड टेस्टिंग के लिए कैंप स्थापित किया गया है। यहां प्रदर्शनकारी किसानों की कोविड टेस्टिंग हो रही है। एक डॉक्टर का कहना है कि हम यहां इसलिए जांच कर रहे हैं ताकि कोई सुपर स्प्रेडर हो तो सामने आ जाए वरना बहुत ज्यादा अन्य बहुत मुश्किल हो सकती है।
शिवसेना नेता संजय राउत ने किसान आंदोलन पर सोमवार को कहा कि, 'किसान आंदोलन विश्व को एक संदेश है। लाखों-करोड़ों किसान दिल्ली की सीमा पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन आप उन्हें आतंकवादी, खालिस्तानी बोलते हो। ये पूरे विश्व के किसानों का अपमान है।
प्रियंका गांधी ने भी मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया है, 'नाम किसान कानून लेकिन सारा फायदा अरबपति मित्रों का। कानून बिना किसानों से बात किए कैसे बन सकते हैं? उनमें किसानों के हितों की अनदेखी कैसे की जा सकती है? सरकार को किसानों की बात सुननी होगी। आइए मिलकर किसानों के समर्थन में आवाज उठाएं।'
निरंकारी समागम ग्राउंड पर भी किसान डटे हुए हैं और अपना आंदोलन जारी रखे हैं। यह जगह किसानों के प्रदर्शन के लिए सरकार ने नियत की है।
दिल्ली में जिन बॉर्डर पर किसान नहीं हैं, वहां पर भी सुरक्षा जबरदस्त बढ़ा दी गई है। आज सुबह से ही बॉर्डर पर और पुलिसकर्मी भेजे गए हैं।
राहुल गांधी किसानों के आंदोलन को लेकर सोमवार को एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया है। राहुल गांधी ने लिखा, 'मोदी सरकार ने किसान पर अत्याचार किए- पहले काले कानून फिर चलाए डंडे लेकिन वो भूल गए कि जब किसान आवाज उठाता है तो उसकी आवाज पूरे देश में गूंजती है। किसान भाई-बहनों के साथ हो रहे शोषण के खिलाफ आप भी स्पीक अप फॉर फार्मर्स कैंपेन के माध्यम से जुड़िए।
किसानों के आंदोलन को देखते हुए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन समेत बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ाई दी गई है। जगह-जगह अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जिला वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद सुरक्षा पर नजर रखे हुए हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि, सिंघु बॉर्डर आज भी बंद रहेगा। लोगों को अन्य रास्ता लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचने की सलाह दी गई है। मुकर्बा चौक से रूट डायवर्ट किया गया है। सिग्नेचर ब्रिज से रोहिणी जाने वाले रास्ते पर न जाएं।
यूपी गेट पर सुरक्षा चाकचौबंद
यूपी गेट के जरिए दिल्ली आने वाले किसानों को रोकने के लिए यूपी गेट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां पर पत्थर के बैरिकेड लगा दिए गए हैं।