रविवार को किसानों के इंडिया गेट पहुंचने की सूचना के बाद पूरे नई दिल्ली में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में नई दिल्ली आने वाले सभी रास्तों पर पिकेट लगाकर छानबीन शुरू कर दी गई। बैगर जांच के किसी को भी नई दिल्ली जिले में नहीं घुसने दिया जा रहा था। खासकर जंतर-मंतर, इंडिया गेट, विजय चौक, संसद भवन के आसपास पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जो भी किसान नई दिल्ली पहुंचेगा, उसे निरंकारी भवन छोड़ दिया जाएगा। नई दिल्ली में धारा-144 भी लगी हुई है।
निरंकारी ग्राउंड पहुंचे किसान असंजस की स्थिति में, बार्डर जाएं या यहीं डटे रहे, नहीं आ रहा समझ
निरंकारी ग्राउंड में रविवार को किसानों की संख्या थोड़ी बहुत बढ़ गई। उत्तराखंड और दूसरे राज्यों से किसान यहां पहुंचे। एहतियात के तौर पर सुरक्षा बलों की संख्या को बढ़ा दिया गया। वरिष्ठ पुलिसि अधिकारी यहां डटे रहे। एंट्री और एक्जिट गेट पर पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया। वहीं दिल्ली सरकार, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की ओर से अधिकारी, विधायक व पार्टी के लोग यहां डटे रहे। निरंकारी ग्राउंट में बैठे किसान असंजस की स्थिति में हैं, उनको समझ नहीं आ रहा है कि वह निरंकारी ग्राउंड रुके या बार्डर चले जाएं।
बॉर्डर पर पहले से कड़ा कर दिया गया पहरा...
सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों रोकने के बाद वह दूसरे रास्तों से दिल्ली में प्रवेश के प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस ने इन बॉर्डर के अलावा दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर , दिल्ली-फरीदाबाद बॉर्डर , कापसहेड़ा बॉर्डर , ढांसा बॉर्डर , कालिंदीकुंज, मयूर विहार-चिल्ला बॉर्डर , डीएनडी बॉर्डर , आनंद विहार, नोएडा-मयूर विहार बॉर्डर , सीमापुरी, भोपुरा, लोनी समेत दिल्ली के बाकी बॉर्डर पर सुरक्षा को कड़ा दिया है। रामलीला ग्राउंड समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर लोकल पुलिस के साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। खुद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अपने-अपने जिलों बॉर्डर पर तैनात हैं।