मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
किसानों के हल्ला बोल के बाद अब डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने मोर्चा संभाल लिया है। जहां भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर व्यस्त स्थान का ध्यान रखते हुए अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती कर दी गई है। दरअसल इस दौरान बड़ा चैलेंज है कि कैसे यातायात समेत अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हो सके, जैसे में कानून व्यवस्था से लेकर यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन मुस्तैद हो गया है। एहतियातन दमकल कर्मियों की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है।
किसानों के प्रदर्शन की क्या है मुख्य वजह और क्या हैं मांगे
दरअसल गौतमबुद्ध नगर में डूब क्षेत्र की समस्या अभी की नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। किसानों का दावा है कि सरकार ने उन्हें घर तो दे दिया, लेकिन जो सबसे जरूरी है बिजली, बस वो नहीं दी। ऐसे में अब या तो वह जनरेटर पर निर्भर हैं या फिर अवैध कलेक्शन लेने को मजबूर है। जहां उन्हें तय शुल्क से अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। अब किसानों की मांग है कि अगर जमीन मिल ही गई है तो डूब क्षेत्र में बिजली देने में क्या समस्या है? हालांकि, इस बाबत कई बार विद्युत निगम और किसानों के बीच बात हुई, लेकिन हल शासन स्तर से लंबित चल रहा है। वहीं लंबे समय तक बिजली न मिलने से किसानों का समय समय पर गुस्सा फूट कर सामने आ ही जाता है।
डूब क्षेत्र में स्थापित 45 से अधिक कॉलोनी आज भी अंधेरे में
गौतमबुद्ध नगर के डूब क्षेत्र की कई कालोनियां आज भी अंधेरे में जी रही हैं। यहां रहने वाले लोग या तो चोरी की बिजली पर निर्भर हैं या फिर अंधेरे में रहने को मजबूर हैं, लेकिन बिना कनेक्शन यह इलाका अंधेरे में चंगुल में फंसा है। दो हफ्ते पहले हुई महापंचायत में भारतीय किसान परिषद ने दावा किया था कि पुश्ता क्षेत्र में बसीं राम विहार, उन्नति विहार समेत करीब 45 कॉलोनियां ऐसी हैं जिनकी नोएडा प्राधिकरण की ओर से रजिस्ट्री समेत अन्य जरुरी दस्तावेज पूरे कराए जा चुके हैं, फिर भी उन्हें आज तक बिजली के कनेक्शन नहीं मिल सके हैं। ऐसे में अवैध रूप से बिजली उपलब्ध कराने वाले डीलर प्रति यूनिट बिजली के 15-20 रुपए की वसूली कर रहे हैं। हालांकि इस मामले को लेकर जब विद्युत निगम के अधिकारियों से उनका पक्ष जानने के लिए बातचीत का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका था।