केंद्र सरकार के साथ वार्ता की टेबल पर जाने के एक दिन पहले किसान संगठनों से स्पष्ट किया है कि बुधवार की बातचीत तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के तरीके पर होगी। बिना इसकी प्रक्रिया तय हुए किसी दूसरे मुद्दे पर किसान प्रतिनिधि चर्चा नहीं करेंगे।
मोर्चा ने मंगलवार को अपना प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। इसमें उन्हीं मसलों का जिक्र है, जिनका प्रस्ताव किसान संगठनों ने पहले भी केंद्र सरकार को दिया था।
केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल की तरफ से सोमवार को भेजे गए पत्र के जवाब में संयुक्त किसान मोर्चा ने लिखा है कि वह आज दोपहर बाद दो बजे सरकार के वार्ता का प्रस्ताव स्वीकार कर रहे हैं।
साथ ही याद भी दिलाया है कि जिन मसलों पर चर्चा करने प्रस्ताव उन्होंने अपने पिछले पत्र में किया था, उन्हीं पर बातचीत आगे बढ़ेगी। इसमें तीनों कृषि कानूनों का रद्द करने का तरीका, एमएसपी की कानूनी गारंटी, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अध्यादेश में संशोधन व विद्युत संशोधन विधेयक की वापसी शामिल हैं। मोर्चा का मानना है कि प्रासंगिक मुद्दों के तर्कपूर्ण समाधान के लिए जरूरी होगा कि वार्ता इसी एजेंडा के अनुसार चले।