पंजाब के किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होने के विरोध में सोमवार को पांच किसान संगठनों ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया। इसके अलावा उन्होंने तीनों कृषि कानून रद्द करने के दौरान किसानों के साथ किए वादों को पूरा नहीं करने पर रोष जताते हुए केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। किसान संगठनों ने प्रदर्शन करने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय में ज्ञापन दिया।
भारतीय किसान यूनियन राजेवाल, ऑल इंडिया किसान फेडरेशन, किसान संघर्ष कमेटी पंजाब, भारतीय किसान यूनियन मनसा और आजाद किसान संघर्ष कमेटी ने संयुक्त तौर पर किसानों के मसलों पर प्रदर्शन किया। इस दौरान इन संगठनों के पदाधिकारियों व किसानों ने झंडा और अपनी विभिन्न मांग लिखे नारों की तख्तियां लेकर गुरुद्वारा बंगला साहिब से जंतर-मंतर तक मार्च किया।
इस मौके पर बलबीर सिंह राजेवाल, प्रेम सिंह भंगू, कंवलप्रीत सिंह पन्नू, बोध सिंह मनसा और हरजिंदर सिंह टांडा ने पंजाब व अन्य प्रदेशों किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को पानी के मुद्दे पर कानून बनाने व आदेश पारित करने का कोई अधिकार नहीं है। केंद्र के अनावश्यक हस्तक्षेप ने पानी के मुद्दे को राजनीतिक लाभ लेने के लिए जटिल बना दिया है।