दिल्ली के किसानों को कृषि कानूनों की जानकारी देते भाजपा नेता
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किसान आंदोलन की वजह से बैक फुट पर दिख रही भाजपा अब इस डेंट को फ्रंट फुट पर आकर खेलने लगी है। एक तरफ किसान आंदोलन में जहां कृषि सुधार कानून को वापस लेने की मांग की जा रही है तो भाजपा केंद्र सरकार की नीतियों के समर्थन में दिल्ली के किसानों को लामबंद कर रही है। सम्मेलन, पंचायत कर भाजपा यह बताने में जुटी है कि कृषि सुधार कानून किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। विपक्ष किसानों को भ्रामक जानकारी देकर गुमराह कर रहा हैं।
कृषि सुधार कानून से अवगत करने के लिए मंगलवार से भाजपा ने महापंचायत की शुरुआत कर दी है। बाहरी दिल्ली के नजफगढ़ में भाजपा ने महापंचायत का आयोजन किया। इस मौके पर भाजपा के दिग्गज नेताओं ने किसानों को बताया कि कृषि सुधार कानून से किसानों का नुकसान नहीं बल्कि फायदा होने वाला है। चार दिवसीय महापंचायत के पहले दिन भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी समेत कई नेताओं ने शिरकत किया। कार्यक्रम का संचालय मोर्चा अध्यक्ष सहरावत ने किया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि फसल बीमा योजना, क्रेडिट कार्ड योजना, हेल्थ कार्ड योजना, नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट जैसे अनेक केंद्र सरकार के ऐतिहासिक निर्णय से करोड़ों किसानों को लाभ हो रहा है। बिचौलियों के साथ मिलकर किसानों का शोषण अब संभव नहीं है। पद की शपथ लेते हुए प्रधानमंत्री ने संकल्प लिया था देश के अन्नदाता किसानों की आय दुगुनी करेंगे। सॉयल हेल्थ कार्ड योजना के अंतर्गत 22 करोड़ 51 लाख किसानों का सॉयल हेल्थ कार्ड बनाया गया, वहीं फसल बीमा योजना के तहत लगभग 9 करोड़ किसान पंजीकृत हुए हैं और किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 70.32 लाख क्रेडिट कार्ड बांटे गए जिसके माध्यम से कुल 62708 करोड़ का लोन किसानों को दिया गया।
नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि लंबे समय से भाजपा दिल्ली के किसानों के हित की लड़ाई लड़ रही है। आजादी से पहले देश के किसानों को मुगलों ने लूटा और आजादी के बाद कांग्रेस ने। पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए जो विकास कार्य दिल्ली के लिए किया उसे वर्तमान की दिल्ली सरकार जारी नहीं रख पाई। खुद को किसानों का मसीहा बताने का नाटक करने वाले मुख्यमंत्री केजरीवाल अन्य राज्यों में जाकर प्रचार करते हैं कि वह दिल्ली के किसानों से गेहूं 2600 रु/क्विंटल और धान 2700 रु/क्विंटल खरीद रहे हैं जबकि वास्तविकता ये है कि दिल्ली के किसानों को केजरीवाल सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मुल्य भी नहीं मिल रहा है। दिल्ली के किसानों को सबसे महंगी बिजली मिलती है।
सांसद प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल देश के किसानों के लिए उपवास रखने का ढ़ोंग करते हैं लेकिन कई वर्षों से दिल्ली के किसानों को खेती का मुआवजा न मिलने के विषय पर चुप्पी साध लेते हैं। प्रदेश किसान मोर्चा अध्यक्ष विनोद सहरावत ने कहा कि मोदी सरकार पूरी तरह से किसानों और गरीबों को समर्पित है और उनका हर काम किसानों के हित में है।