प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को निजी बीमा कंपनी 15 दिनों में मुआवजे का भुगतान करेगी। कंपनी ने यह फैसला किसानों के कोर्ट जाने की धमकी के बाद लिया है। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत एक निजी कंपनी ने जिले में 3800 किसानों की धान की फसल का बीमा किया था।
इन किसानों के फसली ऋण से 500 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से बीमा का प्रीमियम काटा गया था। सितंबर-अक्तूबर में जब फसल तैयार हो गई और कटाई होने वाली थी तभी आंधी और बारिश ने फसल बर्बाद कर दी। इसके बाद जिले से 355 किसानों ने नुकसान की शिकायत की थी।
कृषि विभाग ने बीमा कंपनी के पास किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर भेजी थी। इस पर बीमा कंपनी ने सिर्फ 159 किसानों का 2000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मंजूर करके भेज दिया। आरोप है कि लागत के हिसाब से यह मुआवजा काफी कम है।
बताया जाता है कि गांव शेरपुर, ददसिया, किडावली, लालपुर, महावतपुर, ढाढर, भुपानी, रिवाजपुर, टिकावली, बादशाहपुर व पलवली आदि के किसान बीमा कंपनी के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी में थे। उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक पवन शर्मा का कहना है कि कंपनी ने खरीफ के मुआवजे से वंचित 196 किसानों को 15 दिन के अंदर मुआवजा देने की घोषणा की है।