सेक्टर-6 स्थित नोएडा प्राधिकरण पर सोमवार को धरना देने पहुंचे किसानों को रोकना पुलिस-प्रशासन को महंगा पड़ गया। नाराज किसानों ने प्राधिकरण जाने वाले सभी गेटों पर ताले लगा दिए और वहीं धरने पर बैठ गए। प्राधिकरण और पुलिस के अधिकारी तीन घंटे तक दफ्तरों में ही बंधक बने रहे। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद किसानों ने गेट खोला।
भारतीय किसान यूनियन (भानु) के बैनर तले किसान सुबह दस बजे प्राधिकरण पहुंच गए। इन्हें देखते ही पुलिस ने गेट बंद कर दिया। किसान करीब एक घंटे तक गेट खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन पुलिस ने गेट खोलने से मना कर दिया। इसके बाद नाराज किसानों ने प्राधिकरण के चारों गेटों पर ताले लगा दिए और वहीं धरने पर बैठ गए। ऐसे में प्राधिकरण के अंदर कार्य के लिए आए सभी लोग व नोएडा अधिकारी अंदर ही बंधक बन गए।
मेरठ मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बेगराज गुर्जर ने कहा कि अधिकारी आचार संहिता लगने के इंतजार में हैं। बीते 8 नवंबर से 24 नवंबर तक धरने के बाद प्राधिकरण अधिकारियों ने 14 सूत्रीय मांगों को 10 दिन के अंदर सुलझाने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक इस पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी के चलते किसानों ने नोएडा प्राधिकरण पर धरना दिया है।
उन्होंने बताया कि 64.7 फीसदी मुआवजा किसानों को दिया जाए। श्रेणीबद्ध तरीके से किसानों को पांच फीसदी प्लॉट और पांच फीसदी मुआवजा दिया जाए। शासनादेश में था कि 1976 से 1997 तक के ऐसे किसान जिनकी जमीन अधिग्रहित की गई है, उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी, इस पर अमल किया जाए। नोएडा प्राधिकरण में नई भर्ती में किसानों को बच्चों को नौकरी दी जाए।
उन्होंने कहा कि चाहे अचार संहिता लगे या न लगे, धरना रोज सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक चलेगा। धरने की अध्यक्षता काशीराम यादव ने की। संचालन ओम प्रकाश चौधरी ने किया। इस मौके पर मीडिया प्रभारी राजेंद्र चौहान, रमेश फौजी, सुंदर यादव, चतर सिंह चौहान, विकास चौधरी, ओमदत्त चौहान, राजू चौहान, पप्पू प्रधान, सुशील चौहान अरुण शर्मा सहित 60 गांवों के किसान मौजूद रहे।