- बार-बार की बूंदाबांदी से बढ़ी किसानों की चिंता, खराब होने की कगार पर फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां-नगीना।
क्षेत्र में बदलते मौसम ने इन दिनों किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक हो रही बूँदाबांदी और बारिश से खेतों में खड़ी तथा कटी हुई गेहूं की फसल पर संकट गहरा गया है। मंगलवार को एक बार फिर हुई बारिश ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी। कई किसानों की गेहूं की फसल अभी भी खेतों में पड़ी हुई है, जो लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण बार-बार भीग रही है। इससे फसल के खराब होने और गुणवत्ता गिरने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय किसान रफीक खान, उस्मान खान, मुबारिक मलिक, अंसार और जाहुल ने बताया कि मौसम की इस आंख-मिचौली ने उन्हें असमंजस में डाल दिया है। कुछ समय के लिए मौसम साफ होता है तो उम्मीद बंधती है कि फसल सूख जाएगी, लेकिन थोड़ी ही देर में फिर बादल छा जाते हैं और बारिश शुरू हो जाती है। इस स्थिति में किसान लगातार खेतों की निगरानी करने को मजबूर हैं। वहीं नगीना खंड के किसान सतपाल सैनी, महावीर नम्बरदार, भोलाराम, पप्पू सैनी, मुश्ताक और पेजी ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है। पहले हल्की बारिश से नुकसान शुरू हुआ था, लेकिन अब तेज बारिश और कुछ स्थानों पर हुई ओलावृष्टि ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। ओलों के कारण गेहूं और सरसों की तैयार फसलें खेतों में गिर गई हैं, जबकि कटी हुई फसलें पूरी तरह भीग चुकी हैं। इससे उत्पादन के साथ-साथ अनाज की गुणवत्ता पर भी असर पड़ने की आशंका है। किसानों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि मंडियों में फसल सुरक्षित रखने के लिए उचित व्यवस्था की जाए और खरीद प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि उन्हें नुकसान से बचाया जा सके। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी कराकर किसानों को जल्द उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।