पुराने नोट से खाद व बीज लेने की छूट की जानकारी मिलने पर धूम मानिकपुर के किसान वीर सिंह गांव के साधन सहकारी समिति की दुकान पर गए और पुराने नोट पर खाद व बीज देने को कहा। सहकारी समिति के कर्मचारी ने यह कहकर लौटा दिया कि हमारे पास ऐसा कोई आदेश नहीं आया है।
जब आदेश आ जाएगा, तब ले जाना। यह सुनकर वीर सिंह निराश होकर वापस लौट आए। इसी तरह धूम खेड़ा के किसान जिले सिंह भी धूम मानिकपुर की सरकारी मंडी पर खाद व बीज के लिए गए, लेकिन वहां के कर्मचारी ने भी पुराने नोट से खाद व बीज देेने से मना कर दिया। यही हाल ज्यादातर किसानों की है।
देहात क्षेत्र में पुराने नोट से खाद व बीज देने का सरकारी फरमान मंगलवार तक नहीं पहुंचा, जिससे किसानों को खाद व बीज नहीं मिली। जिले सिंह व वीर सिंह कहते हैं कि खेत को पानी से सींचकर नमी बनाई थी।
खाद व बीज की देरी से खेत सूख रहे हैं। नए नोट मिल नहीं रहे। वे कहते हैं कि पांच सौ और हजार रुपये के पुराने नोट बंद होने से किसानों को काफी परेशानी हो रही है। सहकारी समिति वाले कहते हैं कि जब तक आदेश नहीं आएगा, तब तक पुराने नोट नहीं लेंगे।