फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलनः आज दिल्ली की सभी सीमाओं पर एक दिन के लिए अनशन करेंगे किसान नेता

Mon, 14 Dec 2020 12:41 AM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
मीडिया को संबोधित करते किसान संगठन के नेता (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विज्ञापन

संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर आंदोनलरत किसानों द्वारा अनशन का फैसला लिया है। इस कड़ी में कुंडली, टिकरी, पलवल और गाजीपुर पर सुबह आठ बजे से शाम 5 बजे तक किसान नेताओं द्वारा एक दिन का अनशन किया जाएगा। साथ ही देशभर के जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भानु) संगठन और सरदार वीएम सिंह को आंदोलन का हिस्सा नहीं बताया है।

विज्ञापन


सिंघु बॉर्डर पर किसान मोर्चा की प्रेस वार्ता में प्रमुख किसान नेताओं में से शिवकुमार, राकेश टिकैट, गुरनाम सिंह चढूनी, सुरजीत सिंह, रुद्दु सिंह मानसा समेत अन्य नेता शामिल रहे। संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रेस वार्ता कर चार प्रमुख मांगे रखी हैं। इसमें तीनों कृषि कानून को रद्द करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाने, प्रस्तावित बिजली बिल को रद्द करने और पराली जलाने के मुद्दे पर किसानों का शोषण बंद करने की मांग की गई है। संगठन ने कहा है कि इसके अलावा किसान मोर्चा की कोई मांग नहीं है वहीं, अन्य किसी मांग से भी संगठन का कोई लेना देना नहीं है।


 किसान नेताओं ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (भानु) संगठन संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा नहीं है। चिल्ला बॉर्डर से हटने का फैसला भानु संगठन का निजी फैसला है। वहीं, संयुक्त किसान मोर्चे के आंदोलन का भानु संगठन से कोई लेना देना नहीं है। किसान मोर्चा का आंदोलन पहले की तरह चलता रहेगा।
विज्ञापन


किसान नेताओं ने सरदार वी एम सिंह द्वारा गत शनिवार को दिया गया बयान निजी बताया है। एआईकेएससीसी द्वारा मीटिंग कर वीएम सिंह को संयोजक के पद से हटा दिया गया है। किसानों ने कहा कि वीएम सिंह द्वारा दिए गए किसी भी बयान से किसान मोर्चा का लेना देना नहीं है।
 
वहीं, किसान नेताओं ने पलवल बॉर्डर पर धरने पर पहुंच रही मध्य प्रदेश के किसानों की गाड़ियों का चालान होडल में गैरकानूनी तरीके से किए जाने का भी आरोप लगाते हुए हरियाणा पुलिस की निंदा की है। किसान नेताओं ने कहा कि सुबह 8 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक प्रत्येक संगठन से एक किसान अनशन पर रहेगा।

विज्ञापन

गतिरोध दूर करने के लिए जल्द ही अगले दौर की वार्ता करेगी सरकार

केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के अपना प्रदर्शन तेज करने के बीच केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने रविवार को कहा कि सरकार जल्द ही एक तारीख तय कर किसान संघ के नेताओं को अगले दौर की वार्ता के लिए बुलाएगी। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार और 40 किसान संघों के प्रतिनिधियों के बीच पहले हुई पांच दौर की वार्ता बेनतीजा रही थीं।

कृषि कानूनों के कुछ प्रावधानों में संशोधन के लिए सरकार के मसौदा प्रस्ताव को किसान नेताओं द्वारा खारिज किए जाने और बैठक में हिस्सा लेने से इनकार करने के बाद छठे दौर की बातचीत नहीं हुई थी। सरकार ने साफ किया है कि वह किसी भी समय चर्चा के लिए तैयार है। किसान संघों ने हालांकि स्पष्ट रूप से कहा है कि वे बातचीत के लिए तभी आएंगे जब कानून निरस्त होंगे।

यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार अगले दौर की बैठक करेगी, चौधरी ने कहा कि बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी। तारीख अभी तय नहीं हुई है। गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार कोई समाधान तलाश लेगी। हमें पूरा भरोसा है कि अगली बैठक में, यह मुद्दा सुलझ जाएगा। चौधरी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह और नरेंद्र सिंह तोमर इस मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें