मेवात जिले में सोहना के साथ लगते रोजकामेव इलाके के नौ गांवों की करीब 1500 एकड़ जमीन पर औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित करने का ख्वाब, सरकार और जनता की आंखों में अब धुंधला होने लगा है।
इनेलो नेता तैयब हुसैन घासेड़िया ने बुधवार देर शाम ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोपहर गांव महरौला में आईएमटी रोजकामेव से संबंधित सैकड़ों किसानों ने एक पंचायत बुलाई हुई है।
इस मामले पर उस पंचायत में पुन: विचार करने के बाद अगली रणनीति बनाई जाएगी। हरियाणा राज्य औद्योगिक आधारभूत संरचना विकास निगम के अधिकारियों और मेवात प्रशासन ने संयुक्त तौर पर जो रणनीति बनाई, उसका असर करीब पांच साल से इस जिले के विकास पर गहरा पड़ रहा है।
करीब सवा सौ किसान परिवारों का पेट पालने वाली 1500 एकड़ जमीन का जब आईएमटी रोजकामेव विकसित करने के लिए अधिग्रहण किया गया था।
उस वक्त सपना यह था कि स्थानीय युवाओं को इसमें स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों में रोजगार के अवसर मिलेंगे मगर ऐसा नहीं हो पाया।
नौ गांवों के किसानों को अभी तक एचएसआईआईडीसी और हरियाणा सरकार की ओर से दिए गए मुआवजे पर एतराज है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौर में भी किसानों ने दिल्ली-अलवर रोड के दोनों तरफ की जमीन के मुआवजे में अंतर का मामला उठाया था।
किसान नेता आजाद खान कहते हैं कि उन्होंने कई बार मेवात के किसानों के दर्द को समझने की नेताओं एवं अधिकारियों से गुहार लगाई मगर परिणाम शून्य रहा।
इनेलो नेता तैयब हुसैन घासेड़िया ने कहा कि आईएमटी रोजकामेव से संबंधित किसानों को भाजपा और कांग्रेस दोनों ने छला है। पूर्व कैबिनेट मंत्री आफताब अहमद और इनेलो के नूंह विधायक जाकिर हुसैन ने इन किसानों को छलने में प्रशासन और सरकार का साथ दिया है।