लॉकडाउन के दौरान गृह प्रदेश भेजे गए मशरूम की खेती करने के लिए 20 श्रमिकों को विमान से वापस बुलाया जा रहा है। लॉकडाउन में किसान ने 10 श्रमिकों को विमान से बिहार भेजे गए थे। अब उनके साथ 10 और श्रमिक भी खेती के लिए लौटेंगे। इनमें 10 श्रमिक ऐसे हैं, जिन्हें पहली बार विमान में सफर का मौका मिलेगा।
किसान पप्पन सिंह ने मई में प्रवासी श्रमिकों को दोबारा काम पर लौटने के लिए एक लाख रुपये से अधिक के टिकट की बुकिंग करवाई है। किसान के मुताबिक मशरूम की खेती के लिए यह माकूल समय है। पिछले 20 वर्ष से भी अधिक समय से उनकी खेतों में ये श्रमिक काम कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें खेती में लगाया जाएगा।
गांव तिगिपुर में पप्पन सिंह के साथ मशरूम की खेती करेंगे। पहली बार विमान में जिन श्रमिकों को मौका मिला है, इससे लिए काफी उत्सुक हैं। श्रमिकों का कहना है कि दिल्ली पहुंचने के लिए उन्होंने रेलवे टिकट बुक करवाने की कोशिश की थी, लेकिन अगले डेढ़ महीने का इंतजार नहीं कर सकते। चूंकि अगस्त में मशरूम की खेती अगस्त में शुरू होती है, इसलिए जल्द पहुंच सके, उनके मालिक ने फ्लाइट टिकट बुक करवाए हैं। श्रमिक नवीन ने मई के सफर का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली एयरपोर्ट तक के लिए टिकट के साथ साथ उनके गांवों से पटना पहुंचने का भी किसान की ओर से इंतजाम किए गए हैं।
पप्पन सिंह के मुताबिक हर साल तीन एकड़ जमीन पर मशरूम की खेती करते हैं, लेकिन इस बार एक एकड़ जमीन पर ही करेंगे। कोविड-19 संक्रमण की वजह से पुराना स्टॉक अभी भी है, क्योंकि बाजार बंद रहे। सभी पिछले 15-25 साल से काम कर रहे हैं, इसलिए उन्हें बुलाया गया है। सभी से भावनात्मक जुड़ाव होने की वजह से उनके लिए टिकट का इंतजाम किया गया है। मुश्किल वक्त में उन्हें भी कमाई का मौका मिले, इसलिए टिकट भेजे गए हैं।