मौके से नहीं बरामद हुआ कोई सुसाइड नोट
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-5 जी ब्लॉक में शनिवार सुबह अंशुल नंदा (21) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से जुड़ी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं दी गई है। एनआईटी थाना प्रभारी महाबीर ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
मृतक के बड़े भाई अमन नंदा ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे परिवार के सभी सदस्य एक साथ खाना खाने के बाद अपने-अपने कमरों में चले गए थे। अंशुल भी अपने कमरे में गया और रात करीब 2 बजे तक मोबाइल फोन चला रहा था। फोन चलाने के समय ही उसने इंस्टा पर भावुक स्टोरी पोस्ट की, जिसमें उसने लिखा था कि
पूरी जिंदगी हम इसी बात में गुजार देते हैं कि चार लोग क्या कहेंगे, और अंत में चार लोग बस यही कहते हैं, राम नाम सत्य है।
अमन ने बताया कि सुबह वह नानी के घर गए थे। अंशुल को देर से उठने की आदत थी। करीब 10 बजे जब वह घर लौटे और अंशुल के कमरे का दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक दरवाजा पीटने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने पिता को बुलाया और डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई और देखा कि अंशुल अपने कमरे में चुन्नी के सहारे फंदे से लटका हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया।
परिजनों ने बताया कि अंशुल एक निजी कंपनी में काम करता था। उसके पिता एनआईटी मार्केट में छोले-भटूरे की रेहड़ी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। जिस मकान में यह घटना हुई, वह परिवार का अपना घर है। परिजन अंशुल की ओर से आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं बता पाए। एनआईटी थाना प्रभारी महाबीर ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस इंस्टाग्राम स्टोरी समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।